गाजियाबाद के लोगों के लिए राहत, डीएम सर्किल रेट के आधार पर नहीं बढ़ेगा संपत्ति कर

- गाजियाबाद में डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर नहीं बढ़ेगा।
- नगर निगम बोर्ड ने हर दो साल में दस प्रतिशत की दर से संपत्ति कर बढ़ाने का नियम बनाया हुआ है।
- अभी तक यह तय नहीं है कि संपत्ति कर कब से और कितना बढ़ेगा।
- महापौर ने आश्वासन दिया है कि जनता पर बोझ नहीं डाला जाएगा।
गाजियाबाद : पिछले कुछ दिनों से गाजियाबाद में डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर बढ़ाने की चर्चाएं जोरों पर थीं। वहीं कुछ लोगों ने पुरानी दरों से संपत्ति कर जमा न किए जाने की भी शिकायतें की थीं। इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में डीएम सर्किल रेट के आधार पर संपत्ति कर के बिल जारी नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर निगम बोर्ड ने पहले ही हर दो साल में दस प्रतिशत की दर से संपत्ति कर बढ़ाने का नियम बनाया हुआ है। इस नियम में किसी भी तरह का बदलाव केवल बोर्ड की मंजूरी से ही हो सकता है।
महापौर सुनीता दयाल ने यह भी बताया कि 15 फरवरी को हुई कार्यकारिणी की बैठक में एक अप्रैल 2024 से संपत्ति कर बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी दरों पर संपत्ति कर जमा न किए जाने की शिकायतों का संज्ञान उन्हें है और इस मामले की जांच की जा रही है।

महापौर ने आश्वासन दिया कि जल्द ही बोर्ड बैठक बुलाई जाएगी और इसमें संपत्ति कर बढ़ाने या न बढ़ाने का अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनता पर बोझ नहीं डाला जाएगा और जो भी फैसला होगा वह सभी के हित में होगा।
यह खबर गाजियाबाद के लोगों के लिए राहत की बात है, क्योंकि उन्हें डीएम सर्किल रेट के हिसाब से ज्यादा संपत्ति कर नहीं देना होगा। हालांकि, यह देखना बाकी है कि बोर्ड बैठक में क्या फैसला लिया जाता है।



