अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आईआईए और जिला प्रशासन के संवाद में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं, मोदीनगर-निवाड़ी में नए औद्योगिक क्षेत्र की तैयारी

गाजियाबाद, 2 जुलाई। अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) दिवस के अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) गाजियाबाद चैप्टर और जिला प्रशासन के बीच आयोजित संवाद बैठक में उद्योगों के विकास, निवेश, आधारभूत सुविधाओं और लंबित समस्याओं के समाधान को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए। फॉर्च्यून इन ग्राजिया में आयोजित इस बैठक में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ (आईएएस) ने कहा कि “सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग देश के असली राष्ट्र निर्माता हैं और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।”
बैठक में जिले के सैकड़ों उद्यमियों ने भाग लिया और उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जिला प्रशासन के साथ विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन हर्ष अग्रवाल ने किया, जबकि उद्योगपतियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच परिचय सत्र के साथ बैठक का शुभारंभ हुआ।
मोदीनगर-निवाड़ी में विकसित होगा नया औद्योगिक क्षेत्र
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति के तहत एक्सप्रेस-वे के किनारे आधुनिक औद्योगिक क्षेत्रों के विकास की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदीनगर-निवाड़ी क्षेत्र में शीघ्र ही एक नए औद्योगिक क्षेत्र का विकास शुरू किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
इस घोषणा का स्वागत करते हुए आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने सुझाव दिया कि नए औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों को फ्री-होल्ड (स्वामित्व अधिकार) के आधार पर भूमि आवंटित की जाए, जिससे निवेशकों को दीर्घकालिक सुरक्षा और उद्योग स्थापित करने में सुविधा मिल सके।
उद्योगों की समस्याओं पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उद्योग जगत की कई प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नीति और सरकारी सब्सिडी संबंधी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए क्षेत्रवार रोस्टर तैयार किया जाएगा, जिसका संचालन जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने पांच वर्ष या उससे अधिक समय से लंबित बैंक गारंटी मामलों में संबंधित विभागों को पत्र भेजकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल को सुदृढ़ करने तथा लोनी क्षेत्र में नया ईएसआईसी औषधालय स्थापित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
जिलाधिकारी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा निजी औद्योगिक क्षेत्रों की पुरानी इकाइयों को जारी किए जा रहे नोटिसों के संबंध में भी तर्कसंगत एवं व्यावहारिक निर्णय लेने की बात कही। उन्होंने उद्यमियों को यह भी आश्वस्त किया कि किसी भी गंभीर समस्या के समाधान के लिए वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं और जिला उद्योग बंधु की बैठक की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
आईआईए ने उठाए बिजली, अतिक्रमण और प्रदूषण के मुद्दे
आईआईए गाजियाबाद चैप्टर के कार्यपालक चेयरमैन संजय अग्रवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए उद्योगों के समक्ष आने वाली प्रमुख समस्याओं को रखा। इनमें अघोषित विद्युत कटौती, जीडीए की इंद्रप्रस्थ योजना से जुड़े भूखंड विवाद, विकास शुल्क और गुलधर रैपिड मेट्रो स्टेशन से आईटीसी तक फैले अतिक्रमण को हटाने की मांग प्रमुख रही।
वहीं आईआईए के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नीरज सिंघल ने जिले में वायु गुणवत्ता की वैज्ञानिक निगरानी के लिए अत्याधुनिक बॉश पॉल्यूशन इंडेक्स सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र की खाली भूमि पर आधुनिक एक्सपो सेंटर विकसित करने का सुझाव भी दिया। जिलाधिकारी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने के बाद आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
श्रम कानूनों और औद्योगिक विकास पर भी हुई चर्चा
बैठक में नए श्रम कानूनों (लेबर कोड), श्रमिक कल्याण योजनाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में आईआईए के नवनिर्वाचित केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य राकेश अनेजा, उपायुक्त उद्योग आशुतोष सिंह, उप श्रम आयुक्त डॉ. दिव्य प्रताप सिंह तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के समापन पर आईआईए के पदाधिकारी संजय गर्ग ने सभी अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों और उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जे.पी. कौशिक, एस.के. शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप गुप्ता, साकेत अग्रवाल, अमित नागलिया, यश जुनेजा, अमित बंसल, रमन मिगलानी, दिनेश गर्ग, संदीप गुप्ता, अजय पटेल, कुलदीप गुप्ता, पुनीत माहेश्वरी, सुभाष गुप्ता, अमरिक सिंह, मनीष मदान, बसंत अग्रवाल, विनीत माहेश्वरी और ओ.पी. धमीजा सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित इस संवाद बैठक को उद्योग और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा गाजियाबाद को एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


