गाजियाबाद में 200 प्रशिक्षु आरक्षियों को मिला आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन का प्रशिक्षण ; सड़क सुरक्षा, नागरिक समन्वय और डिजिटल संचार पर दिया गया विशेष जोर

गाजियाबाद। महानगर की लगातार बढ़ती यातायात चुनौतियों के बीच गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस ने नवप्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को आधुनिक यातायात प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराने की पहल की है। पुलिस लाइन्स स्थित परमजीत हॉल में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) वरुण कुमार ने 200 प्रशिक्षणरत आरक्षी पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था के प्रभावी संचालन एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु आरक्षियों को केवल यातायात नियमों के अनुपालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यवहारिक एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग के लिए तैयार करना रहा। इस दौरान गाजियाबाद जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बढ़ते यातायात दबाव, भीड़ प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपर पुलिस उपायुक्त वरुण कुमार ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना प्रत्येक पुलिसकर्मी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन, संवेदनशीलता और निष्पक्षता बनाए रखते हुए नागरिकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें, जिससे पुलिस और आमजन के बीच विश्वास और सहयोग की भावना मजबूत हो।
प्रशिक्षण के दौरान दुर्घटना अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में समयबद्ध प्रतिक्रिया न केवल जनहानि को कम कर सकती है, बल्कि यातायात व्यवस्था को भी शीघ्र सामान्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को गाजियाबाद ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल की उपयोगिता से भी अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रैफिक अपडेट, मार्ग परिवर्तन, जाम की जानकारी, सड़क सुरक्षा संबंधी जन-जागरूकता अभियान तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त होता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक तकनीक, प्रभावी संचार और नागरिक सहभागिता के समन्वय से ही स्मार्ट एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षणरत आरक्षियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ जनसंपर्क और व्यवहारिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी दी गई।
गाजियाबाद पुलिस का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


