Ghaziabad

यशोदा मेडिसिटी में समर्पित थैलेसीमिया केयर सेंटर का शुभारंभ

  • क्षेत्र में पहली बार एकीकृत पहल, जिसमें आधुनिक इलाज, ब्लड ट्रांसफ्यूजन सपोर्ट, काउंसलिंग, जेनेटिक रोकथाम और लंबी अवधि की देखभाल शामिल है

दिल्ली NCR : थैलेसीमिया, जो एक अनुवांशिक रक्त विकार है, से जूझ रहे मरीजों के लिए विशेष और संगठित देखभाल को मजबूत करने की दिशा में यशोदा मेडिसिटी ने समर्पित थैलेसीमिया केयर सेंटर की शुरुआत की है। इस केंद्र का उद्देश्य मरीजों और उनके परिवारों को एक ही स्थान पर पूरी, व्यवस्थित और आजीवन चिकित्सा देखभाल उपलब्ध कराना है।

इस केंद्र का उद्घाटन सुनील कुमार शर्मा , माननीय मंत्री, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उत्तर प्रदेश सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। यह अवसर क्षेत्र में विशेष रक्त रोग (हेमेटोलॉजी) सेवाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

यह सेंटर क्षेत्र की बेहतरीन एकीकृत सुविधाओं में से एक है, जिसे विशेष रूप से थैलेसीमिया मरीजों और उनके परिवारों की जटिल एवं लंबी अवधि की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। थैलेसीमिया भारत में पाए जाने वाले सबसे आम अनुवांशिक रक्त रोगों में से एक है, जिसमें मरीजों को जीवनभर नियमित रक्त चढ़ाने और लगातार चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।

लेकिन आज भी कई मरीजों को समय पर निदान, सही इलाज की निरंतरता और लंबे समय तक संगठित देखभाल की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए यशोदा मेडिसिटी ने यह थैलेसीमिया केयर सेंटर एक समग्र देखभाल प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है।

इसमें विशेषज्ञ हेमेटोलॉजी सेवाएं, डे-केयर ट्रांसफ्यूजन सुविधा, आयरन चेलेशन थेरेपी और उसकी निगरानी, उन्नत जांच सुविधाएं, बोन मैरो ट्रांसप्लांट मूल्यांकन, जेनेटिक काउंसलिंग, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता, संक्रमण से बचाव और नियमित फॉलो-अप जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही यह पहल रोकथाम और जागरूकता पर भी विशेष ध्यान देती है। इसमें कैरियर स्क्रीनिंग, विवाह से पहले काउंसलिंग और गर्भावस्था के दौरान जांच को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि थैलेसीमिया के मामलों को कम किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों को इससे बचाया जा सके।
लॉन्च के अवसर पर थैलेसीमिया मास्टरक्लास और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर जोर दिया गया, क्योंकि थैलेसीमिया मरीजों को जीवनभर रक्त की आवश्यकता होती है।

डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा , “थैलेसीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मरीजों को जीवनभर नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन, निरंतर सहयोग और व्यवस्थित देखभाल की आवश्यकता होती है। यशोदा मेडिसिटी के इस समर्पित केंद्र के माध्यम से हमारा उद्देश्य मरीजों को एकीकृत और संवेदनशील उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता और जीवन प्रत्याशा दोनों बेहतर हो सकें। साथ ही, हम प्रीनेटल स्क्रीनिंग, जेनेटिक काउंसलिंग और समय पर जांच को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं, ताकि परिवार सही समय पर बेहतर और जागरूक स्वास्थ्य संबंधी निर्णय ले सकें।”

डॉ. निवेदिता ढींगरा, डायरेक्टर एवं हेड, हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट ,ने कहा, “ब्लड ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल, आयरन मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बेहतर परिणामों में हुई प्रगति के कारण अब थैलेसीमिया के मरीज पहले की तुलना में बेहतर जीवन गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं। यह केंद्र विशेष हेमेटोलॉजी सेवाएं, डे-केयर ट्रांसफ्यूजन सुविधाएं, आयरन चेलेशन थेरेपी एवं मॉनिटरिंग, एडवांस डायग्नोस्टिक्स सहित सभी आवश्यक सेवाओं को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराता है, जिससे मरीजों को सुगम, समन्वित और बेहतर परिणामों पर आधारित उपचार मिल सके।”

इस लॉन्च के साथ यशोदा मेडिसिटी ने विशेष स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, संगठित और मरीज-केंद्रित बनाने तथा अनुवांशिक रक्त रोगों के इलाज और रोकथाम में मौजूद कमियों को दूर करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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