महामना मदन मोहन मालवीय की 164वीं जयंती पर आयोजित हुआ गरिमामयी समारोह

गाज़ियाबाद : नंदग्राम स्थित जेकेजी स्कूल में अखिल भारत वर्षीय ब्राह्मण महासभा द्वारा बुधवार को भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 164वीं जयंती बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाई गई। समारोह में जिले और महानगर के पदाधिकारियों सहित संस्था के सदस्यों ने पं. मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों और योगदान को स्मरण किया।
महान व्यक्तित्व और प्रेरणादायक कृतित्व
समारोह के मुख्य अतिथि, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने पं. मदन मोहन मालवीय को महान शिक्षाविद, वक्ता, पत्रकार, समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, “महात्मा गांधी द्वारा उन्हें ‘महामना’ की उपाधि दी गई थी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना उनकी दूरदृष्टि का प्रमाण है। उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।”
संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक पं. गोपाल दत्त शर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि मालवीय जी सत्य, ब्रह्मचर्य, व्यायाम और आत्मत्याग के अद्वितीय उदाहरण थे। विशिष्ट अतिथि पं. सतीश शर्मा ने कहा, “मालवीय जी का जीवन देश सेवा और राष्ट्रीय चेतना के जागरण के लिए समर्पित था। वे सदैव एक उत्कृष्ट विद्वान और स्वतंत्रता सेनानी के रूप में याद किए जाएंगे।”
समाज निर्माण के प्रेरक सूत्रधार
समारोह की अध्यक्षता करते हुए संस्था के प्रदेश अध्यक्ष पं. पीताम्बर शर्मा ने कहा, “महामना को आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में मान्यता दी गई है। वे शिक्षा के माध्यम से मानव जीवन का सर्वांगीण विकास करना चाहते थे।” मुख्य संरक्षक पं. जे.के. गौड़ ने कहा, “मालवीय जी का व्यक्तित्व एक ऐसा पारस था, जो भी उनके संपर्क में आया, वह स्वर्ण बन गया।”
शिक्षाविदों का सम्मान
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले पांच शिक्षाविद—पं. महेश चंद्र शर्मा, पं. नरेंद्र कुमार शर्मा, और पं. सजीव शर्मा को प्रतीक चिह्न और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षाविदों ने आभार व्यक्त करते हुए पं. मालवीय के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
महान विभूतियों का संगम
समारोह में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. जे.के. गौड़, पं. आदेश शर्मा, पं. विजय भारद्वाज, और पं. संदीप शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष पं. जयनंद शर्मा ने किया।
इस गरिमामय अवसर ने पं. मदन मोहन मालवीय की शिक्षाओं और आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया, जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्रोत हैं।


