झूठी बलात्कार की साजिश का पर्दाफाश, पुलिस ने दो गिरफ्तार किए

मसूरी, गाजियाबाद: मसूरी पुलिस ने बलात्कार के झूठे मामले की गुत्थी सुलझाकर साजिश में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना तब उजागर हुई जब सोशल मीडिया पर एक महिला ने न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस जांच में यह पूरा मामला एक सुनियोजित षड्यंत्र निकला।
घटना का विवरण
मामला 8 दिसंबर 2024 को तब सामने आया जब मुस्कान नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपने चचेरे भाई शोएब और चाचा शकिल पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि मुस्कान ने 28 नवंबर 2024 को अपने चाचा और चचेरे भाई पर मारपीट और छेड़छाड़ का मामला पहले ही दर्ज कराया था।
पुलिस ने जब मुस्कान के मोबाइल की जांच की, तो खुलासा हुआ कि 3 दिसंबर 2024 को मुस्कान ने सरताज नाम के व्यक्ति से संपर्क किया था। सरताज, जो कि एक यूट्यूब चैनल “क्राइम आज तक” का संचालक और एक अखबार का पत्रकार है, ने मुस्कान के साथ मिलकर यह झूठी साजिश रची।
सरताज ने मुस्कान को बलात्कार के झूठे आरोप लगाने के लिए प्रेरित किया और एक फर्जी घटना का वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। मुस्कान ने वीडियो में झूठे आरोप लगाते हुए अपने चचेरे भाई को फंसाने की कोशिश की।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि 3 दिसंबर को ही सरताज ने मुस्कान का फर्जी शिकायत पत्र तैयार किया था, जिसमें बलात्कार की घटना की तारीख 2 दिसंबर से बदलकर 8 दिसंबर की गई थी। 11 दिसंबर 2024 को पुलिस ने मुस्कान और सरताज दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में मुस्कान ने कबूल किया कि उसके अपने चाचा और चचेरे भाई के साथ पारिवारिक विवाद चल रहे थे। उसने सरताज के साथ मिलकर यह साजिश रची ताकि अपने रिश्तेदारों से पैसे वसूल सके और उन्हें बदनाम कर सके। सरताज ने सोशल मीडिया का उपयोग कर इस साजिश को प्रचारित करने का काम किया।
आरोपियों की पृष्ठभूमि
- मुस्कान: उम्र 20 वर्ष, निवासी कासिदिया, मसूरी।
- सरताज: उम्र 50 वर्ष, निवासी पप्पू कॉलोनी, शहीम नगर।
पुलिस ने बताया कि सरताज पहले से ही कई मामलों में आरोपी है। मुस्कान के खिलाफ भी 2023 में दिल्ली के मयूर विहार थाना में अपने एक अन्य रिश्तेदार पर झूठे बलात्कार का मामला दर्ज कराने का इतिहास है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग इस षड्यंत्र को रचने में किया गया। मसूरी पुलिस ने कहा कि इस मामले में झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों को अपील की कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें और पुलिस को गुमराह करने से बचें।



