गाजियाबाद पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल टावर उपकरण चोरी गैंग का पर्दाफाश किया

गाजियाबाद: क्राइम ब्रांच पुलिस ने मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब 7 करोड़ रुपये के उपकरण और चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल किए गए 3 वाहन बरामद किए हैं।
गिरोह का नेटवर्क: 7 राज्यों तक फैला जाल
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सक्रिय था। यह लोग मोबाइल टावरों से रेडियो रिसीवर यूनिट, बैटरियां, और अन्य कीमती उपकरण चुराते थे।

गिरफ्तार आरोपियों का इतिहास
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य अभियुक्त शाहरुख मलिक ने बताया कि वह बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ाई छोड़कर बिरयानी की दुकान चलाने लगा। लेकिन पैसे की लालच में उसने तीन साल पहले अपने पिता और भाई नईम के साथ कबाड़ का काम शुरू किया।
कुछ समय बाद नईम, जावेद मीरापुरिया के संपर्क में आया और मोबाइल टावरों से चुराए गए उपकरणों की खरीद-फरोख्त में शामिल हो गया। नईम के साथ शाहरुख भी इस गैरकानूनी काम में शामिल हो गया। करीब 8 महीने पहले नईम को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। नईम पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।
नईम की गिरफ्तारी के बाद, शाहरुख ने यह काम अपने चचेरे भाई फहीम के साथ संभाल लिया और चोरी का सिलसिला जारी रखा।
पुलिस की कार्रवाई और गिरोह का अंत
गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कई और स्थानों पर चोरी के मामलों को सुलझाने की उम्मीद जताई है।

चोरी पर लगेगा अंकुश
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा, “इस गैंग की गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल टावरों पर उपकरण चोरी की घटनाओं में कमी आएगी। यह गिरोह न केवल स्थानीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़ा हुआ था।”
इस सफलता पर गाजियाबाद पुलिस की प्रशंसा हो रही है, और यह गिरफ्तारी मोबाइल टावर ऑपरेटरों के लिए राहत की खबर है।


