गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने अंतर्राज्यीय शराब तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया, 13 लाख रुपये की अवैध शराब बरामद

गाजियाबाद : क्राइम ब्रांच पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने एक अंतर्राज्यीय शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से लगभग 13 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब से भरा आयशर कैंटर ट्रक बरामद किया गया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
क्राइम ब्रांच और थाना वेव सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने हरियाणा से अवैध अंग्रेजी शराब की तस्करी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नागेंद्र के रूप में हुई है, जो बिहार के सीतामढ़ी जिले के पाचनौर गांव का निवासी है। उसके कब्जे से 150 पेटी रॉयल ग्रीन ब्रांड की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख रुपये है।
अभियुक्त का बयान:
पूछताछ के दौरान, नागेंद्र ने बताया कि वह पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और 2003 में दिल्ली आकर ट्रक चलाना सीखा। वर्ष 2015 में वह गुरुग्राम चला गया और कश्मीर रूट पर ट्रक ड्राइविंग करने लगा। 2017 में वह अपने गांव लौट आया, लेकिन 2021 में फिर से गुरुग्राम जाकर ड्राइविंग करने लगा। करीब छह महीने पहले उसकी मुलाकात हरियाणा निवासी वीरू नामक ड्राइवर से हुई, जिसने उसे विक्की नामक व्यक्ति से मिलवाया। विक्की पंजाब, चंडीगढ़, और हिमाचल प्रदेश से अवैध शराब की तस्करी करके बिहार और गुजरात में सप्लाई करता था। नागेंद्र लालच में आकर विक्की के साथ इस अवैध धंधे में शामिल हो गया और प्रत्येक चक्कर के लिए उसे 15,000 रुपये मिलते थे।
तस्करी का तरीका:
विक्की ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए आयशर कैंटर में एक विशेष केबिन बनवा रखा था, जिसमें शराब छिपाई जाती थी। बाहर से देखने पर ट्रक खाली लगता था। तस्करी के दौरान, नागेंद्र और उसके साथी अपने मोबाइल फोन बंद रखते थे। कभी-कभी विक्की भी छोटी गाड़ी से कैंटर के आगे या पीछे रहकर निगरानी करता था।
आगे की कार्रवाई:
नागेंद्र से पूछताछ के आधार पर, पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिली हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं और दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई से अवैध शराब की तस्करी और उससे होने वाली राजस्व हानि पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
गाजियाबाद पुलिस की इस सफलता से अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर महत्वपूर्ण चोट पहुंची है, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी।


