किसान सम्मान दिवस: उत्कृष्ट किसानों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

गाजियाबाद, 22 दिसंबर – कृषि विज्ञान केंद्र, मुरादनगर के प्रांगण में जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किसान सम्मान दिवस और किसान मेले ने सैकड़ों किसानों को एकजुट किया। भरत रत्न स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों को उनकी उत्कृष्ट कृषि उपज और तकनीकी अपनाने के लिए प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में किसानों की अहम भूमिका हो सकती है। उन्होंने किसानों को कृषि विविधीकरण अपनाने का सुझाव दिया, जिसमें फसलों के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, और औद्यानिकी शामिल हों।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने मल्टी स्टोरिंग फार्मिंग, प्राकृतिक खेती, सहफसली खेती, और फार्मर रजिस्ट्री के लाभों पर प्रकाश डाला। किसानों को कृषि जिन्स और उत्पादों के मूल्यवर्धन के महत्व के बारे में समझाया गया।
मेले में कुल 28 स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों और योजनाओं की जानकारी दी गई। इनमें सहकारिता, मत्स्य, गन्ना, उद्यान, मंडी, और फसल बीमा जैसी योजनाओं को प्रदर्शित किया गया।
सम्मानित किसान और पुरस्कार
पशुपालन, मत्स्य पालन, और फसल उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। पशुपालन में ईश्वर दयाल और पवन कुमार यादव को क्रमशः प्रथम और द्वितीय पुरस्कार दिए गए। मत्स्य पालन में मंजू रानी, भारत भूषण, अंल्पना यादव, और रीना को पुरस्कृत किया गया।
फसल उत्पादन में जय प्रकाश, सतीश, अतुल, और रामपाल को गेहूं व धान उत्पादन में, हरजनदा और यतेन्द्र को सरसों उत्पादन में, और सुनील कुमार को प्राकृतिक खेती में सम्मानित किया गया। गन्ना उत्पादन में महक सिंह, राजेश्वर, सरजीत, अमित, मनोज, और अनुज ने पुरस्कार प्राप्त किए।
विशिष्ट उपस्थिति और सहभागिता
इस आयोजन में भाजपा जिला महामंत्री जितेंद्र चित्तौड़ा, आरएलडी प्रदेश अध्यक्ष सहकारिता अमर जीत सिंह बिड़डी, और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में लगभग 600 किसानों ने भाग लिया, जिन्होंने कृषि और सहकारी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर रुचि दिखाई। किसानों ने बताया कि इस तरह के आयोजन न केवल उन्हें प्रेरित करते हैं, बल्कि कृषि के आधुनिक तरीकों और तकनीकों के बारे में जागरूक भी करते हैं।
कार्यक्रम का समापन किसानों के उत्साह और आयोजन की सराहना के साथ हुआ।


