संसद में टिप्पणी पर बहुजन समाज पार्टी का विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा

गाजियाबाद: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) जिला गाजियाबाद के तत्वाधान में आज सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पार्टी कार्यालय से एकजुट होकर पैदल मार्च करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा नेता श्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के खिलाफ आवाज उठाना था।
कार्यकर्ताओं ने नारों के साथ आक्रोश व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया और राष्ट्रपति महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि श्री अमित शाह, जिन्होंने बाबा साहब के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की, यदि माफी नहीं मांगते हैं तो उन्हें उनके पद से हटाया जाए।
विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता:
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मेरठ मंडल प्रभारी राजकुमार गौतम ने किया। उनके साथ रवि जाटव, ओमवीर सिंह, विनोद कर्दम, गंगा शरण, मुकेश कुमार, सुरेश पाल, अजित गौतम, जिलाध्यक्ष नरेंद्र मोहित, परमानंद गर्ग, पंकज शर्मा, मुनव्वर चौधरी, ओमपाल भाटी, लेखराज बौद्ध, धर्मपाल प्रधान, सतेन्द्र प्रधान, धीर सिंह, महेशराज, रामरूप बौद्ध, पंकज कश्यप, संदीप सैन, लोकेश गौतम और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

महिलाओं की भागीदारी:
इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। शांतिदेवी गौतम, द्रोपदी जाटव, रीना बौद्ध, विमलेश और पिंकी जैसे कई महिला कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल हुईं।
प्रदर्शनकारियों का संदेश:
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सिर्फ बहुजन समाज के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के संविधान निर्माता और महान विचारक हैं। उनके प्रति अपमानजनक टिप्पणी न केवल बहुजन समाज, बल्कि पूरे देश के सम्मान पर चोट है। उन्होंने कहा कि यदि गृहमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो बीएसपी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।

आंदोलन का शांतिपूर्ण समापन:
विरोध प्रदर्शन का समापन जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के साथ हुआ। प्रदर्शन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखा गया। कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखते हुए इस विरोध को एक संदेश देने का माध्यम बनाया।

आगे की रणनीति:
बहुजन समाज पार्टी के नेताओं ने संकेत दिए कि यदि इस मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध प्रदर्शन का दायरा और बढ़ाया जाएगा।


