Ghaziabad

अटल बिहारी वाजपेयी जयंती: प्रतिभा सम्मान समारोह के रूप में मनाई गई

गाजियाबाद: महर्षि दयानंद विद्यापीठ और हरिश्चंद्र त्यागी सार्वजनिक पुस्तकालय के संयुक्त तत्वावधान में अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100वीं जयंती को हर्षोल्लास और गरिमा के साथ प्रतिभा सम्मान समारोह के रूप में मनाया गया।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि सुनील शर्मा (मंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार) और अध्यक्षता कर रहे प्रमुख समाजसेवी एवं शिक्षाविद् पृथ्वी सिंह ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। कार्यक्रम में बालेश्वर त्यागी (पूर्व मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार एवं विद्यालय संस्थापक), जयप्रकाश शर्मा (अध्यक्ष), सुभाष त्यागी (उपाध्यक्ष), के.के. गुप्ता (कोषाध्यक्ष), आशुतोष त्यागी (सचिव), और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

ज्ञानदीप स्मारिका का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान हरिश्चंद्र त्यागी सार्वजनिक पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित ज्ञानदीप स्मारिका का विमोचन किया गया। बालेश्वर त्यागी ने अपने संबोधन में वाजपेयी जी के प्रेरणादायक जीवन और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी सत्प्रेरणा से इस पुस्तकालय की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि यह पुस्तकालय 27 वर्षों से जनसहयोग से सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक केंद्र बना हुआ है।

प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम में 60 विद्यालयों के 807 छात्रों ने भाग लिया। अंतर्विद्यालयीय वाद-विवाद, सामान्य ज्ञान, चित्रकला, और रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेताओं में 38 छात्रों को पुरस्कृत किया गया, जिनमें आकाश वर्मा को पुस्तकालय में ध्येय वाक्य लिखने के लिए और भावना को सर्वश्रेष्ठ पाठिका के रूप में सम्मानित किया गया।

छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में वाजपेयी जी के जीवन और विचारधारा को जीवंत करने वाले भजन, कविता पाठ और नाट्य प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।

मुख्य वक्ताओं के प्रेरणादायक विचार

कार्यक्रम में इतिहास प्रवक्ता डॉ. आनंद शर्मा ने वाजपेयी जी के जीवन पर केंद्रित काव्यपाठ प्रस्तुत किया, जबकि वाणिज्य प्रवक्ता कोमल त्यागी ने उनके राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि सुनील शर्मा ने अपने संबोधन में कहा:
“विद्यार्थी जीवन में प्राप्त होने वाले पुरस्कार और प्रमाण पत्र भारत रत्न से कम नहीं होते। अटल जी का जीवन सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश सेवा के लिए समर्पित था। वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे।”

अध्यक्षता कर रहे पृथ्वी सिंह ने कहा:
“अटल जी का एक महान गुण यह था कि वे अपने विरोधियों को भी सम्मान और स्वीकृति देते थे। आज के समय में यह गुण प्रत्येक छात्र को अपनाना चाहिए।”

प्रधानाचार्या का संदेश

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. सीमा सेठी ने कहा:
“अटल जी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत थे। उनका मानना था कि हमें अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने सभी आगंतुकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम की विशेषताएं

  1. स्मारिका विमोचन: ज्ञानदीप स्मारिका का विमोचन।
  2. प्रतियोगिताएं: वाद-विवाद, सामान्य ज्ञान, चित्रकला, और रंगोली में सैकड़ों छात्रों की भागीदारी।
  3. सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: छात्रों ने कविता, नृत्य और भजन के माध्यम से अटल जी के जीवन को जीवंत किया।
  4. पुरस्कार वितरण: 38 विजेताओं को सम्मानित किया गया।
  5. प्रेरक विचार: अतिथियों और वक्ताओं ने वाजपेयी जी की विचारधारा और योगदान पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम केवल वाजपेयी जी की जयंती का उत्सव नहीं था, बल्कि उनके जीवन और विचारधारा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास था। हरिश्चंद्र त्यागी सार्वजनिक पुस्तकालय और महर्षि दयानंद विद्यापीठ के इस आयोजन ने शिक्षा, संस्कार और सामुदायिक विकास का संदेश दिया।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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