गाजियाबाद के मंदिर में 30 लाख की शराब नष्ट, एसडीएम के आदेश पर की गई कार्रवाई

मोदीनगर : गाजियाबाद के मोदीनगर के प्रसिद्ध श्री महामाया देवी मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाई गई शराब को मंगलवार को प्रशासन ने नष्ट कर दिया। एसडीएम पूजा गुप्ता के आदेशानुसार, लगभग 20 से 30 लाख रुपये मूल्य की शराब को नगर पालिका टीम ने जमीन में दबाकर नष्ट किया।
एसडीएम पूजा गुप्ता ने बताया, “मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाई गई शराब लंबे समय से जमा हो रही थी। इसे सार्वजनिक सुरक्षा और स्वच्छता के दृष्टिकोण से नष्ट करना आवश्यक हो गया था।”
मंदिर की अनोखी परंपरा
श्री महामाया देवी मंदिर की एक अनोखी परंपरा है जिसमें भक्त अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिए शराब चढ़ाते हैं। यह प्रथा दशकों पुरानी है और इसे भक्तगण पूरी श्रद्धा से निभाते हैं। उनका विश्वास है कि देवी को शराब चढ़ाने से उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
स्थानीय निवासी रामदास वर्मा ने बताया, “यह परंपरा हमारे पूर्वजों से चली आ रही है। चाहे किसी की नौकरी की बात हो या शादी-ब्याह का मामला, भक्त यहां आकर शराब चढ़ाते हैं।”
प्रशासन की सख्ती
हालांकि, इस परंपरा पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। एसडीएम पूजा गुप्ता ने कहा, “हम परंपराओं का सम्मान करते हैं, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की वस्तुओं का अधिक समय तक संग्रह करना सही नहीं है। यह निर्णय स्वच्छता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।”
स्थानीय प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद, स्थानीय लोग प्रशासन के इस कदम पर मिलीजुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे सही ठहराया तो कुछ ने इसे धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप माना।
एक अन्य स्थानीय निवासी सुषमा शर्मा ने कहा, “यह परंपरा हमारी आस्था से जुड़ी है, लेकिन प्रशासन ने सही किया कि शराब को नष्ट कर दिया। यह स्वच्छता और मंदिर की गरिमा बनाए रखने के लिए जरूरी था।”
भविष्य में प्रशासन का कदम
एसडीएम ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में इस प्रकार की शराब की चढ़ावे वाली परंपरा को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रबंधन से बात की जाएगी। इसके तहत एक वैकल्पिक उपाय पर चर्चा हो सकती है जिससे भक्तों की आस्था बनी रहे और मंदिर की स्वच्छता भी।
श्री महामाया देवी मंदिर में यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है, लेकिन एक बात तय है कि इस परंपरा और प्रशासनिक निर्णय के बीच संतुलन बनाए रखना सभी के हित में होगा।


