Ghaziabad

एनडीआरएफ को मिला ‘प्रेसिडेंट्स कलर’, गाजियाबाद में अमित शाह ने किया सम्मानित

गाजियाबाद: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं, अनुशासन और आपदा प्रबंधन में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गाजियाबाद स्थित 8वीं बटालियन एनडीआरएफ परिसर में आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान प्रदान किया।

इस अवसर पर एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद, गृह सचिव गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका, एनडीएमए के सदस्य कृष्ण वत्स, विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के प्रतिनिधि, सेना के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

‘प्रेसिडेंट्स कलर’ सर्वोच्च सम्मान: अमित शाह
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘प्रेसिडेंट्स कलर’ किसी भी बल के लिए सर्वोच्च सम्मान होता है, जो उसके अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ ने अपनी त्वरित प्रतिक्रिया, पेशेवर दक्षता और मानवीय सेवाओं के बल पर विश्वस्तरीय आपदा राहत बल के रूप में पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय एनडीआरएफ देशवासियों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है। गृह मंत्री ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए 17 एनडीआरएफ जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

20 वर्षों में बनाई विशेष पहचान
वर्ष 2006 में स्थापित एनडीआरएफ ने पिछले दो दशकों में देशभर में आपदा राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वर्तमान में 16 बटालियनों और 69 स्थानों पर मौजूदगी के साथ एनडीआरएफ ने लगभग 12 हजार से अधिक राहत एवं बचाव अभियान चलाए हैं।

इन अभियानों में डेढ़ लाख से अधिक लोगों को जीवित बचाया गया, जबकि बाढ़, चक्रवात, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान नौ लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

एनडीआरएफ को उसके नारंगी रंग की वर्दी के कारण “एंजल्स इन ऑरेंज” के नाम से भी जाना जाता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निभाई भूमिका
एनडीआरएफ ने जापान (2011), नेपाल (2015), तुर्किये (2023), म्यांमार (2025) और श्रीलंका (2025) सहित कई अंतरराष्ट्रीय राहत अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है, जिससे भारत की वैश्विक मानवीय छवि मजबूत हुई है।

2025 में रिकॉर्ड अभियान
एनडीआरएफ महानिदेशक पीयूष आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2025 में एनडीआरएफ ने 1400 से अधिक अभियान संचालित किए, जो अब तक एक वर्ष में सबसे अधिक हैं। उन्होंने बताया कि बल लगातार नई तकनीकों, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर काम कर रहा है।

नई क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की शुरुआत
समारोह के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने देहरादून स्थित एनडीआरएफ रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। साथ ही अगरतला, एर्नाकुलम, नूरपुर, लखनऊ, गंगटोक और गांधीनगर में छह नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों की आधारशिला रखी।

वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान
कार्यक्रम में 10 अधिकारियों को विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए गए। वहीं तीन रेस्क्यू कर्मियों को ‘उत्तम जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा प्रोफेशनल प्रतियोगिता, खेल, नवाचार और ‘फिटेस्ट रेस्क्यूर’ श्रेणियों में भी ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

समारोह में आईटीबीपी बैंड की आकर्षक प्रस्तुति और एनडीआरएफ जवानों द्वारा रस्सी बचाव प्रदर्शन (रोप रेस्क्यू एक्ट) भी मुख्य आकर्षण रहे।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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