
गाजियाबाद: प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 शहीद स्मारक समिति द्वारा 30 मई 2024 को शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन के पास शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष पंडित रामआसरे शर्मा ने कहा कि “31 मई का दिन भारतीय इतिहास में सदा याद किया जाता रहेगा। 30 और 31 मई 1857 को ब्रिटिशकालीन भारत में दुनिया की सबसे प्रशिक्षित अंग्रेजी फौज और भारत के क्रांतिकारियों की उत्साही सेना का मुकाबला गाजियाबाद में बहती हिंडन नदी के तट पर हुआ था।”
हिंडन नदी का ऐतिहासिक युद्ध: यह युद्ध भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सेना का डटकर मुकाबला किया और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया। पंडित रामआसरे शर्मा ने कहा: “यह युद्ध केवल एक सैन्य संघर्ष नहीं था, बल्कि यह भारत की स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक था। इस युद्ध ने पूरे देश में क्रांतिकारी भावना को जगाया और भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई को मजबूती दी।”


इस कार्यक्रम में समिति के महामंत्री पी न गर्ग, वरिष्ठ समाज सेवी छोटेलाल कनौजिया, पीके रॉय, डॉक्टर ए खालिद, टिंकू सरकार, मिलन मंडल, विजय मलिक, सपन सिकदर, दिलीप कुमार, डॉक्टर एसके मिश्रा, डॉक्टर संजय सिंह, डॉ एसके सिरोही, अलोकचंद शर्मा, रोहित कुमार, पार्थो दास, विजय शर्मा, संजीव मास्टर, अनिल डायरेक्टर, संजीव कुमार, अरुण कुमार, भूलन, अंशुल, बॉबी कुमार, मुन्ना सिंह, मनीष, संजय पिंडी, भोला, अरुण खन्ना, संतोष, विजय शर्मा, राकेश शर्मा, मास्टर गजेंद्र, प्रदीप बॉस आदि मौजूद थे।
यह कार्यक्रम 1857 के शहीदों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदान को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था। इस कार्यक्रम ने युवा पीढ़ी को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और उसमें शामिल वीरों के बलिदानों के बारे में जानकारी दी।

