गाजियाबाद में पहली नाइट हेरिटेज रन: आयोजन ऐतिहासिक, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त

गाजियाबाद, शनिवार। उत्तर प्रदेश में पहली बार आयोजित नाइट हेरिटेज रन ने जहां गाजियाबाद को एक नई पहचान दी, वहीं इस आयोजन ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की पोल भी खोल दी। शुक्रवार रात आयोजित इस मैराथन के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भीषण जाम लग गया, जिससे लोगों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा।
रात में दिखा अलग माहौल
जीटी रोड और एलिवेटेड रोड को जोड़ने वाली सड़कों पर शुक्रवार रात एक अलग ही नजारा देखने को मिला। सिटी फॉरेस्ट के पास आयोजित इस नाइट हेरिटेज रन में देश-विदेश के धावकों ने हिस्सा लिया। केन्या और इथियोपिया जैसे देशों से भी प्रतिभागी पहुंचे, जिससे आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिला। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए मौजूद रहे।
ट्रैफिक व्यवस्था हुई चरमराई
मैराथन का आयोजन मेरठ बाइपास और राजनगर की ओर जाने वाले मार्गों पर होने के कारण शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। एलिवेटेड रोड बंद होने और वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ते दबाव के चलते इंदिरापुरम से वसुंधरा तक लंबा जाम लग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई स्थानों पर जाम की लंबाई करीब 10 किलोमीटर तक पहुंच गई। जाम में फंसे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया से राजनगर पहुंचने में कुछ लोगों को तीन घंटे तक का समय लग गया।
एम्बुलेंस और बसें भी फंसीं
जाम की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई एम्बुलेंस भी यातायात में फंस गईं। वहीं, हरिद्वार जा रही उत्तराखंड परिवहन की एक बस भी लंबे समय तक जाम में अटकी रही, जिसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसे हर्ष राजपूत ने बताया कि मैराथन के लिए सड़कों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे आमजन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था प्रभावी रूप से नजर नहीं आई।
व्यवस्थाएं भीड़ के आगे पड़ीं कमजोर
हालांकि आयोजन की शुरुआत व्यवस्थित तरीके से हुई, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती गई, व्यवस्थाएं कमजोर पड़ती नजर आईं। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन में कमी साफ दिखी।
आयोजन और प्रबंधन पर उठे सवाल
नाइट हेरिटेज रन को लेकर जहां एक ओर शहर में उत्साह का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के बड़े आयोजनों के लिए पहले से बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था जरूरी है, ताकि आमजन को परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, यह आयोजन गाजियाबाद के लिए ऐतिहासिक जरूर रहा, लेकिन इससे जुड़ी अव्यवस्थाओं ने भविष्य के आयोजनों के लिए बेहतर योजना और प्रबंधन की आवश्यकता को भी उजागर कर दिया है।

पहले से जामग्रस्त राजनगर एक्सटेंशन की समस्या और बढ़ी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र पहले से ही ट्रैफिक जाम का बड़ा केंद्र बना हुआ है, ऐसे में इस तरह के आयोजनों ने समस्या को और बढ़ा दिया। क्षेत्र की निवासी मीनू ने बताया कि परिवर्तन स्कूल के सामने रोजाना भारी जाम लगता है, जो मिगसन सोसाइटी से शुरू हो जाता है। उनके अनुसार, स्कूल बसों के अलावा अभिभावकों द्वारा सड़कों पर अनियमित पार्किंग से स्थिति और बिगड़ जाती है, जबकि इसे नियंत्रित करने के लिए मौके पर कोई प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क पर हर 300-400 मीटर पर बने अवैध कट ट्रैफिक अव्यवस्था को और बढ़ा रहे हैं, जिससे रोजाना लोगों को करीब आधे घंटे तक जाम से जूझना पड़ता है।
कुल मिलाकर, यह आयोजन गाजियाबाद के लिए ऐतिहासिक जरूर रहा, लेकिन इससे जुड़ी अव्यवस्थाओं ने भविष्य के आयोजनों के लिए बेहतर योजना और प्रबंधन की आवश्यकता को भी उजागर कर दिया है।



