मसूरी में गैस चोरी का बड़ा खेल: एलजी के कैप्सूल से अवैध रिफिलिंग

- क्राइम ब्रांच ने छापेमारी कर 6 गिरफ्तार, 4 गैस टैंकर बरामद
- दिल्ली के दो शख्स मास्टरमाइंड, लोनी के प्लांट से चोरी किए जाते थे कैप्सूल
गाजियाबाद: गाजियाबाद के मसूरी इलाके में क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गैस चोरी के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने अवैध रूप से एलजी के गैस कैप्सूल से सिलेंडर रिफिल करने वाले एक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चार गैस टैंकर ड्राइवर और दिल्ली के दो रहने वाले शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के सुधांशु और करण इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड थे। वे लोनी के एक गैस बॉटलिंग प्लांट से गैस कैप्सूल चुराकर लाते थे और फिर मसूरी के कल्लूगढ़ी इलाके के जंगल में इन कैप्सूल से खाली सिलेंडरों को रिफिल करते थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात छापेमारी कर मौके से चार गैस कैप्सूल और रिफिलिंग मशीन बरामद की है।
कैसे चलता था खेल?
सुधांशु ट्रक ड्राइवरों को पैसे देकर गैस कैप्सूल चुराने के लिए प्रेरित करता था। एक कमर्शियल सिलेंडर को रिफिल करने के लिए वह ड्राइवर को 1000 रुपये देता था। इसके बाद ये कैप्सूल मसूरी के जंगल में ले जाकर रिफिल किए जाते थे। रिफिल किए गए सिलेंडरों को फिर बाजार में बेच दिया जाता था।

पुलिस को इस रैकेट के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की योजना बनाई और बृहस्पतिवार की देर रात मसूरी के कल्लूगढ़ी इलाके में छापा मारा। पुलिस ने मौके से चार गैस कैप्सूल, रिफिलिंग मशीन और चार गैस टैंकर बरामद किए। साथ ही छह लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस मामले में जिला पूर्ति अधिकारी को सूचित किया। डीएम के आदेश पर मसूरी थाने में जिला पूर्ति निरीक्षक के द्वारा एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मामला गैस चोरी और कालाबाजारी का एक बड़ा मामला है। इस तरह के गैरकानूनी काम से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है बल्कि लोगों की जान को भी खतरा होता है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

