

गाजियाबाद: कवि नगर रामलीला मैदान में कवि नगर रेजिडेंट फेडरेशन द्वारा आयोजित अट्टहास कवि सम्मेलन का आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ।
इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पी एन अरोड़ा, सीएमडी यशोदा हॉस्पिटल, दीप प्रज्वलन के रूप में के पी गुप्ता अध्यक्ष के पी ग्रुप और राम अवतार जिंदल वरिष्ठ समाज सेवी उपस्थित रहे। फ़ेडरेशन के अध्यक्ष दिनेश गोयल एमएलसी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय जैन, महामंत्री लाल चन्द शर्मा, संरक्षक ललित जायसवाल आदि ने मुख्य अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम में डॉ॰हरिओम पंवार, डॉ॰विष्णु सक्सेना, विनीत चौहान, अनिल अग्रवंशी, डॉ॰अर्जुन सिसोदिया, सुदीप भोला, चिराग जैन, अंजू जैन, डॉक्टर राजीव राज, गोविंद राठी, सुनहरी लाल तुरंत, पीके आजाद, सुमनेश सुमन, मोहित शौर्य और डॉ प्रवीण शुक्ला जैसे प्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कवियों ने वीर रस, श्रृंगार रस, हास्य और व्यंग्य रस से भरपूर रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
विशेष रूप से डॉ॰विष्णु सक्सेना की “चेहरे पे हंसी व दिल में खुशी होती है, सही मायने में यही जिंदगी होती है” और अनिल अग्रवंशी की “तू ही मेरी एफ बी है, तू ही मेरी इंस्टा है, साइट भी तू ही मेरी और मेरा नेट तू” जैसी रचनाओं ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।

इसके अलावा डॉ प्रवीण शुक्ल की “अजब है माईने इस दौर की गूंगी तरक्की के, हंसी बेजान सी लब पर बदन टूटे थकानों में” और डॉ॰ अर्जुन सिसौदिया की “युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बड़े अभागे होंगें। या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगें।” जैसी रचनाओं ने समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का आयोजन बेहतरीन ढंग से किया गया था। श्रोताओं के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था के साथ-साथ दो एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई थीं ताकि पीछे बैठे दर्शक भी कार्यक्रम का आनंद ले सकें। इसके अलावा चारों तरफ फॉगिंग और पानी का छिड़काव भी किया गया था ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

लगभग 42 वर्षों से आयोजित हो रहे इस अट्टहास कवि सम्मेलन का दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।
अध्यक्ष दिनेश गोयल, महामंत्री लालचंद शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय जैन और संरक्षक ललित जायसवाल, जय दीप गुप्ता, डी पी कौशिक, पम्मी जी, हिमांशु मित्तल, डी के जैन, अजय गुप्ता आदि का इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

