5 करोड़ की फिरौती के लिए अपहरण की साजिश नाकाम, चार आरोपी गिरफ्तारलिंक रोड पुलिस ने स्विफ्ट कार, रस्सी और अवैध हथियार किए बरामद; कई दिनों से कर रहे थे रेकी

गाजियाबाद कमिश्नरेट गाजियाबाद की थाना लिंक रोड पुलिस ने कथित तौर पर फिरौती के लिए अपहरण की साजिश रचने और अपहरण का प्रयास करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक स्विफ्ट कार, एक रस्सी, दो अवैध तमंचे तथा तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई थाना लिंक रोड क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान की गई। पुलिस ने बताया कि वसुंधरा निवासी राजेश पाण्डेय ने 21 जून को थाना लिंक रोड में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि 16 जून को झंडापुर से आगे इंदौर कंपनी के पास कुछ अज्ञात लोगों ने हथियार दिखाकर उनका जबरन अपहरण करने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी तरह मौके से निकलने में सफल रहे।
शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर चार आरोपियों को खाटू श्याम इंडस्ट्रियल पार्क के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सत्यम सिंह (22), गौतम मिर्धा (25), नितिन तिवारी (26) और रोहित उर्फ हिटलर (29) के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के निवासी बताए गए हैं और वर्तमान में एनसीआर क्षेत्र में रह रहे थे।
पुलिस का दावा: पहले रेकी, फिर सुनसान रास्ते पर रोकने की कोशिश
पुलिस पूछताछ के हवाले से बताया गया कि आरोपियों ने कथित रूप से कई दिनों तक शिकायतकर्ता की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस के अनुसार आरोपियों को यह जानकारी थी कि पीड़ित प्रॉपर्टी और निर्माण कार्य से जुड़े हैं तथा उनके पास नकद लेन-देन होने की संभावना रहती है।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने 5 और 6 जून से शिकायतकर्ता के घर, कार्यालय और आने-जाने के रास्तों की रेकी शुरू कर दी थी। 16 जून को कथित तौर पर आरोपियों ने एक किराये की स्विफ्ट कार से शिकायतकर्ता की गाड़ी को रोककर उन्हें अपनी कार में बैठाने का प्रयास किया, लेकिन शोर मचाने पर मौके से फरार हो गए।
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों की कथित योजना पीड़ित को हथियार के बल पर बंधक बनाकर कम से कम 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने की थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि बरामद रस्सी इसी कथित योजना का हिस्सा थी।
हथियारों की खरीद को लेकर भी जांच
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि बरामद अवैध हथियार ऑनलाइन संपर्क के माध्यम से मंगाए गए थे और कथित तौर पर उनकी डिलीवरी नोएडा क्षेत्र में प्राप्त की गई। हालांकि पुलिस इस दावे की स्वतंत्र जांच कर रही है और हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा उनके संभावित आपराधिक इतिहास और अन्य कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। फरार बताए जा रहे अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें और निजी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बनाए रखें।



