सपा ने प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर आरक्षण और रोजगार को लेकर साधा निशाना

- पीडीए ऑडिट का हवाला देते हुए आरक्षण में अनियमितता, बेरोजगारी और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के जिला एवं महानगर कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने भाजपा सरकार पर आरक्षण व्यवस्था, रोजगार, भर्ती प्रक्रियाओं और महंगाई को लेकर कई आरोप लगाए। प्रेस वार्ता का नेतृत्व सपा जिला अध्यक्ष फैसल हुसैन और महानगर अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने किया।
प्रेस वार्ता के दौरान सपा नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा कराए गए कथित “पीडीए ऑडिट” का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राज्य में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के आरक्षण अधिकारों का हनन किया गया है तथा विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षित पदों पर अनियमितताएं हुई हैं।
सपा नेताओं ने दावा किया कि वर्ष 2019 से 2026 के बीच विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षित वर्ग के लगभग 11,514 पद प्रभावित हुए हैं। इस संबंध में पार्टी द्वारा एक पुस्तिका तैयार किए जाने की भी जानकारी दी गई, जिसमें कथित आरक्षण अनियमितताओं का विवरण शामिल होने का दावा किया गया।
प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण व्यवस्था के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने 69 हजार शिक्षक भर्ती, वन एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती, ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती, कनिष्ठ सहायक, कृषि प्राविधिक सहायक, लेखपाल तथा अन्य भर्ती प्रक्रियाओं का उल्लेख करते हुए सरकार पर आरक्षित वर्गों के अवसर प्रभावित करने का आरोप लगाया।
सपा नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि मतदाता सूची में पारदर्शिता की कमी रही तथा कुछ मतदाताओं के नाम दोहराव और विलोपन जैसी समस्याएं सामने आई हैं। पार्टी ने इस प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
इसके अलावा प्रेस वार्ता में बेरोजगारी, महंगाई, परीक्षा प्रणाली और कथित पेपर लीक के मुद्दे भी उठाए गए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। उन्होंने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कार्यशैली की आलोचना की।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी संविधान, सामाजिक न्याय और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों के मुद्दे को राजनीतिक और जनस्तर पर उठाती रहेगी।
हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान लगाए गए आरोपों पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।



