संस्कार भारती ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दिया संस्कार, साधना और सामाजिक समरसता का संदेश

गाज़ियाबाद: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संस्कार भारती गाज़ियाबाद महानगर के सौजन्य से संस्कार भारती राजनगर एक्सटेंशन इकाई द्वारा एक भव्य एवं गरिमामय योग उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गाज़ियाबाद के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग, संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ हुआ। कैप्टन गोपाल सिंह ने मंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर बालक एवं बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की और उपस्थित जनों को भारतीय परंपरा एवं आध्यात्मिक चेतना से जोड़ दिया।
कार्यक्रम संयोजक अनुराग त्यागी, अमृता श्रीवास्तव एवं प्राची मिश्रा ने संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात योगाचार्य सतीश कुमार शर्मा ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं एवं अभ्यासों का प्रशिक्षण दिया। योग सत्र के दौरान उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं बल्कि मन, विचार और जीवन शैली को संतुलित बनाने का विज्ञान भी है।


कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री बलदेव भाई शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में योग को जीवन की दिनचर्या और आदतों का हिस्सा बनाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ जोड़ना है ,अपने आप को श्रेष्ठ विचारों, अच्छे संस्कारों और सकारात्मक जीवन दृष्टि से जोड़ना।
उन्होंने कहा, “आज समाज को ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता है जो केवल सफल नहीं बल्कि संस्कारित और संवेदनशील भी हों। एक अच्छा इंसान बनना जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
अपने संबोधन में उन्होंने संस्कार भारती के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में कार्यकारी अध्यक्ष अतुल भटनागर निःस्वार्थ भाव और समर्पण के साथ संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष अतुल भटनागर ने उपस्थित अतिथियों का परिचय कराया तथा संगठन की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चन्द्र देव गुप्ता द्वारा आयोजित 21 दिवसीय बाल संस्कार शिविर के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कार, राष्ट्रभाव एवं प्रेरक प्रसंगों से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि एक स्वयंसेवक का आचरण ऐसा होना चाहिए जो समाज पर स्थायी और सकारात्मक प्रभाव छोड़ सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि योगेन्द्र जी ने कहा कि संस्कार भारती का मूल उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के माध्यम से एक सूत्र में जोड़ना है। वहीं राजकुमार जैन ने योग को साधना और आत्मअनुशासन का मार्ग बताया।
महामंत्री हेमंत बाजपेयी ने कहा कि बच्चों में नैतिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कारों का विकास वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और संस्कार भारती इस दिशा में सतत कार्य कर रही है। महानगर पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की सफलता पर राजनगर एक्सटेंशन इकाई को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बलराम नगर के पूर्व संघ चालक मनमोहन दादू ने भी योगाभ्यास में भाग लिया। महानगर कोषाध्यक्ष यतीश चन्द्र कश्यप ने सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से अधिकाधिक “संस्कार मित्र” बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सह महामंत्री आलोक कुमार, केशव गुप्ता, नितिन कुमार, शिव कुमार त्यागी, ज्ञान प्रकाश, राजपाल तितोरिया, मोहन सैनी, दुष्यंत कुमार जैन, सुनील त्यागी (एओए अध्यक्ष), राजीव त्यागी, अनिल जी, प्रवीण, अरविन्द, सतीश त्यागी, भट्टाचार्य जी, संदीप त्यागी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में अनुराग त्यागी एवं निशांत कौशिक की विशेष भूमिका रही। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि योग और संस्कार दोनों को जन-जन तक पहुंचाकर स्वस्थ, जागरूक और मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण की दिशा में कार्य जारी रखा जाएगा।


