राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी–2 बनेगी पहली सोसायटी, डीजल छोड़ पीएनजी से चलेगा जेनरेटर

पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और निवासी हितों की दिशा में ऐतिहासिक कदम
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर सिटी–2 सोसायटी एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल करने जा रही है। यह सोसायटी क्षेत्र की पहली आवासीय सोसायटी बनने जा रही है, जहां बिजली आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होने वाले जेनरेटर को अब डीजल के बजाय आईजीएल की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से संचालित किया जाएगा।
सोसायटी प्रबंधन के अनुसार यह कदम न केवल प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से अहम है, बल्कि इससे ईंधन लागत में कमी और निवासियों को अधिक स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
2022 में एनजीटी में दायर हुआ था पर्यावरण से जुड़ा मुकदमा
ऑफिसर सिटी–2 अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव सोनी, सचिव सुशील कुमार त्यागी और सहयोगी निवासी शेषन त्यागी ने वर्ष 2022 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बिल्डर के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मुकदमा दायर किया था।
इस मुकदमे में जेनरेटर से होने वाले प्रदूषण, धुएं के निष्कासन के लिए चिमनी की अनुपस्थिति, डीजल से संचालित जेनरेटर को गैस से संचालित करने की आवश्यकता, तथा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण न होने जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया गया था।
एनजीटी ने लगाया 65.70 लाख का जुर्माना, सुधार कार्यों में आई तेजी
एसोसिएशन के अनुसार जनवरी 2025 में एनजीटी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिल्डर पर 65,70,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसके बाद सुधार कार्यों में तेजी आई।
बताया गया कि आदेश के परिणामस्वरूप—
- जेनरेटर पर धुएं के निष्कासन हेतु चिमनी लगाई गई
- जेनरेटर को पीएनजी से संचालित करने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है
- एसटीपी निर्माण कार्य भी प्रगति पर है
इन सुधारों से सोसायटी में प्रदूषण स्तर घटने और निवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी प्री-पेड मीटर: पारदर्शिता और राहत का मॉडल
ऑफिसर सिटी–2 को एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। यह क्षेत्र की उन पहली सोसायटियों में शामिल है, जहां बिल्डर की सहमति के बिना अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकारी प्री-पेड बिजली मीटर लगवाए।
एसोसिएशन के मुताबिक, इस पहल का सीधा लाभ सोसायटी के करीब 300 निवासियों को मिल रहा है। इससे बिजली बिलों में पारदर्शिता बढ़ी है, शिकायतों में कमी आई है और सस्ती दरों पर बिजली तथा स्वीकृत लोड का लाभ भी निवासियों को मिल रहा है।
“अन्य सोसायटियों के लिए प्रेरणा बन रही ऑफिसर सिटी–2”
सोसायटी पदाधिकारियों का कहना है कि ये उपलब्धियां निरंतर मेहनत, कानूनी संघर्ष और निवासियों के सहयोग से संभव हो सकी हैं। ऑफिसर सिटी–2 अब केवल अपने निवासियों के हितों की रक्षा नहीं कर रही, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और बेहतर सुविधाओं के मामले में अन्य सोसायटियों के लिए प्रेरणास्रोत भी बन रही है।
इस पहल से यह संदेश भी जाता है कि संगठित प्रयास, जागरूकता और सामूहिक समर्थन के जरिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवन सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकता है।


