भगवान परशुराम सेवा न्यास ने जरूरतमंद बच्चों के स्कूल में लगाया आरओ सिस्टम ; शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की पहल, बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आगे भी सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प

गाजियाबाद, 16 जुलाई। समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भगवान परशुराम सेवा न्यास ने गुरुवार को राजनगर एक्सटेंशन स्थित उन्नति संस्था द्वारा संचालित जरूरतमंद एवं आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के विद्यालय में आधुनिक आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) जल शुद्धिकरण प्रणाली स्थापित कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया। इस पहल का उद्देश्य विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है, जिससे जलजनित बीमारियों से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में न्यास के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक बच्चे का मूल अधिकार है। यदि बच्चों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाए तो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से भी ऐसे जनहितकारी कार्यों में आगे आने का आह्वान किया।
न्यास के प्रतिनिधियों ने कहा कि दूषित जल से होने वाली बीमारियां आज भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में विद्यालयों में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ी के स्वास्थ्य में निवेश भी है। उन्होंने भविष्य में भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

विद्यालय की प्रबंधन समिति ने भगवान परशुराम सेवा न्यास का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आरओ प्रणाली स्थापित होने से अब बच्चों को नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा।
कार्यक्रम में भगवान परशुराम सेवा न्यास के सदस्य राजन त्रिपाठी, अनुज शर्मा, अभिषेक पांडेय, प्रमोद शर्मा, अभिषेक शर्मा, राजेश तिवारी, बी.पी. उपाध्याय, अरविंद भारद्वाज, विजेंद्र विद्रोही, आशुतोष तिवारी, अमित शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी प्रसून मनोज, ऋतु रंजन सिंह, अतुल सिंह, प्रियांक ठाकुर, विवेक कुमार, गौरव त्यागी, सौरभ भारद्वाज और मूलचंद नागर सहित विद्यालय का स्टाफ एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज के वंचित वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े ऐसे सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया और इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

