फ्लिपकार्ट ऑनलाइन शापिंग के नाम पर साइबर फ्रॉड करने वाले 06 अभियुक्त गिरफ्तार

गाजियाबाद, 13 जुलाई। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गाजियाबाद कमिश्नरेट की साइबर एवं इंदिरापुरम थाना पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों का डेटा हासिल कर उन्हें भुगतान संबंधी झांसा देकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, ₹20,010 नकद तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस आयुक्त जे. रविन्द्र गौड़ के निर्देश पर साइबर अपराध पोर्टल द्वारा चिन्हित हॉटस्पॉट पर की गई कार्रवाई के दौरान 13 जुलाई को थाना इंदिरापुरम क्षेत्र के शक्तिखंड स्थित एक मकान से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में हुई कम से कम छह साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) सूर्यबली मौर्य ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि वे सिद्धार्थ विहार निवासी एक व्यक्ति से फ्लिपकार्ट पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों का डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद ग्राहकों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी ऑनलाइन खरीदारी का भुगतान सफल नहीं हुआ है और दोबारा भुगतान कराने के नाम पर उनसे धोखाधड़ी करते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने राजस्थान के जोधपुर निवासी श्यामलाल भाटी, तेलंगाना के साइबराबाद निवासी गोवर्धन रेड्डी, उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी ऋद्धि आहूजा, गुजरात के मोरबी निवासी खुशबू अग्रवाल, दिल्ली के रोहिणी निवासी शालिनी संतोष, तेलंगाना के मलकाजगिरी निवासी जी. स्वामी प्रसाद तथा गुजरात के गांधीनगर निवासी मयुध्वज सिंह सोढ़ा सहित कई लोगों को कथित रूप से अपना निशाना बनाया।
पुलिस ने बताया कि तेलंगाना के साइबराबाद निवासी गोवर्धन रेड्डी के मामले में एडवर्टाइजमेंट के नाम पर हुई साइबर ठगी को लेकर संबंधित साइबर थाने में पहले से मुकदमा दर्ज है।
जांच में अब तक सामने आया है कि आरोपियों ने छोटी-छोटी रकम की कई वारदातों के माध्यम से करीब ढाई लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा इससे अन्य राज्यों में हुई साइबर अपराध की घटनाओं के खुलासे की भी संभावना है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू कुमार (पश्चिमी चंपारण, बिहार), आदित्य उर्फ प्रकाश यादव (संतकबीर नगर), विराट चौधरी (बुलंदशहर), आशीष (मेरठ), पंकज शर्मा (गौतमबुद्ध नगर) तथा खुशी (दिल्ली) के रूप में हुई है। वहीं, पुलिस ने काजल और सिद्धार्थ को इस मामले में वांछित बताया है, जिनकी तलाश की जा रही है।
थाना प्रभारी इंदिरापुरम अजय कुमार चौधरी ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध थाना इंदिरापुरम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबरों की जांच में विभिन्न राज्यों से साइबर फ्रॉड से संबंधित कई ऑनलाइन शिकायतें भी सामने आई हैं। पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन खरीदारी या डिजिटल भुगतान से संबंधित किसी भी कॉल पर बिना सत्यापन के भुगतान न करें। यदि कोई व्यक्ति भुगतान विफल होने या रिफंड के नाम पर बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी मांगता है, तो तत्काल सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दें।


