पैरा खिलाड़ी चिराग त्यागी हत्याकांड को लेकर बसंतपुर सैथली में महापंचायत, त्वरित न्याय और कड़ी कार्रवाई की मांग

- महापंचायत में न्याय देने के दोहरे मापदंड पर जमकर गरजें वक्ताओं ने किया सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त
- महापंचायत में निष्पक्ष जांच करवा करके आरोपियों के एनकाउंटर करने की उठी मांग, वहीं कुछ वक्ताओं ने की जल्द सुनवाई करके फांसी देने की करी मांग
- महापंचायत में परिवार की सुरक्षा देते हुए, एक सदस्य को नौकरी देने व आर्थिक सहायता देने की उठी मांग
गाजियाबाद, 14 जून। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरा खेलों में उपलब्धियां हासिल कर चुके खिलाड़ी चिराग त्यागी हत्याकांड को लेकर रविवार को उनके पैतृक गांव बसंतपुर सैथली में एक महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय लोगों ने हिस्सा लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
महापंचायत में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि घटना के लगभग 15 दिन बाद भी परिजनों को न्याय की प्रतीक्षा है, जिससे परिवार और क्षेत्र के लोगों में असंतोष है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मामले में अपेक्षित गति से कार्रवाई नहीं हुई और प्रशासन से निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
सभा के दौरान वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने राज्य सरकार से हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही परिजनों को आजीवन सुरक्षा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता, हथियार लाइसेंस तथा चिराग त्यागी की स्मृति में स्टेडियम एवं सड़क का नामकरण किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।
महापंचायत में कुछ वक्ताओं ने अन्य चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई में समानता और संवेदनशीलता की अपेक्षा जताई। हालांकि सभा में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं के निजी और सामूहिक मत के रूप में सामने आए।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि चिराग त्यागी खेल जगत में देश और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे थे और उनकी उपलब्धियों को देखते हुए मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 30 मई 2026 को थाना कोतवाली क्षेत्र के साईं उपवन इलाके में चिराग त्यागी का शव बरामद हुआ था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में उनके एक परिचित पैरा खिलाड़ी को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले की जांच प्रक्रिया जारी है।
परिजनों और महापंचायत में शामिल लोगों ने मांग की कि जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाते हुए दोषियों को जल्द से जल्द कानून के तहत सजा दिलाई जाए।
महापंचायत के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की निगरानी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सभा के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन की रणनीति पर विचार किया जाएगा।



