दुष्प्रचार के आरोपों पर सांसद अतुल गर्ग का सख्त रुख, लोकसभा अध्यक्ष से की विशेषाधिकार हनन कार्रवाई की मांग

- सांसद द्वारा लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत पत्र सौंपा गया
- संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज होने का दावा
- एक व्यक्ति की गिरफ्तारी होने की जानकारी
गाजियाबाद : गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद अतुल गर्ग ने अपने विरुद्ध कथित रूप से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर एक शिकायती पत्र सौंपते हुए संबंधित ओटीटी/यूट्यूब चैनल और उसके प्रतिनिधि के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन नोटिस पर त्वरित कार्रवाई का अनुरोध किया है।
सांसद अतुल गर्ग ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ तथ्यहीन, भ्रामक और अपमानजनक सामग्री का प्रसारण किया जा रहा है, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि और संसदीय दायित्व प्रभावित हो रहे हैं। सांसद ने पत्र में कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और तथ्यों से परे हैं।
पत्र के अनुसार, संबंधित मामले में गाजियाबाद में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है तथा मामले में एक व्यक्ति की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि मामले की जांच अभी विचाराधीन है।
“बिना पक्ष जाने प्रसारण से जनप्रतिनिधि की छवि प्रभावित”
लोकसभा अध्यक्ष को दिए गए पत्र में सांसद ने दावा किया है कि संबंधित चैनल द्वारा उनके पक्ष को जाने बिना और तथ्यों का सत्यापन किए बिना सामग्री प्रसारित की जा रही है। उनके अनुसार, लगातार प्रसारित हो रही सामग्री के कारण जनता के बीच उनकी छवि प्रभावित हो रही है तथा इससे उन्हें मानसिक तनाव और व्यक्तिगत पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।
सांसद ने यह भी कहा है कि इसका प्रभाव उनके संसदीय कार्यों और संसदीय समितियों में उनके योगदान पर पड़ रहा है।
सांसद निधि से जुड़े आरोपों को बताया निराधार
पत्र में सांसद ने कहा है कि उनके विरुद्ध सांसद निधि से जुड़े कथित घोटाले के आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह तथ्यहीन और बेबुनियाद बताया है। सांसद का कहना है कि ये आरोप सीधे तौर पर उनके संसदीय कार्यों और सार्वजनिक दायित्वों से जुड़े हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित चैनल के प्रतिनिधि और उसके सहयोगियों द्वारा सार्वजनिक रूप से उनके संसदीय दायित्वों को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे न केवल एक सांसद के रूप में उनकी गरिमा प्रभावित हुई बल्कि संसद की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची।
संसद के नियमों के तहत कार्रवाई का अनुरोध
सांसद अतुल गर्ग ने लोकसभा अध्यक्ष से संसद की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के नियम 222 और 227 के अंतर्गत मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने संबंधित व्यक्ति और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन तथा संसद के अपमान से संबंधित कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में संबंधित चैनल या उसके प्रतिनिधियों की ओर से इस समाचार के प्रकाशन तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। जांच प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की जांच एवं विधिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



