Ghaziabad

गाजियाबाद में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, नौकरी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

  • 20 गिरफ्तार, 12 लैपटॉप, 37 मोबाइल, 47 सिम कार्ड और ऑडी कार समेत भारी मात्रा में सामान बरामद; एनसीआरपी पर दर्ज हैं 24 शिकायतें

गाजियाबाद: पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और साहिबाबाद थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने राजेंद्र नगर स्थित दुर्गा इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित एक कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में तीन पुरुष और 17 महिलाएं शामिल हैं।

पुलिस ने मौके से साइबर अपराध में प्रयुक्त 12 लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 47 सिम कार्ड, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र, पेन ड्राइव, प्रिंटर तथा एक ऑडी कार सहित भारी मात्रा में सामान बरामद किया है।

मखाना कारोबार की आड़ में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अभिषेक जैन था, जो ‘जैनसन इंटरनेशनल’ के नाम से मखाने के कारोबार की आड़ में कथित रूप से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहा था। जांच में सामने आया है कि उसकी पत्नी हीना पंवार, पीयूष जैन और आंचल जैन कॉल सेंटर के संचालन में सहयोग करते थे, जबकि सलीम फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करता था।

बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर करते थे ठगी

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि आरोपी विभिन्न जॉब पोर्टलों से बेरोजगार युवक-युवतियों का डेटा खरीदते थे। इसके बाद कॉल सेंटर के कर्मचारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से संपर्क करते और रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज, इंटरव्यू शुल्क तथा अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे वसूलते थे।

पुलिस के अनुसार, कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों को फर्जी आईडी पर जारी मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाते थे, ताकि ठगी के दौरान उनकी वास्तविक पहचान छिपी रहे।

24 शिकायतें पहले से दर्ज

जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित फर्जी कॉल सेंटर के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अब तक 24 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन शिकायतों के साथ बरामद डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और लेन-देन का मिलान कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह के नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन तथा अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान की जाएगी। यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह ने कितने राज्यों में लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है।

साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

पुलिस का मानना है कि यह कार्रवाई हाल के समय में नौकरी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता है। सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उन्हें न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की अपील

गाजियाबाद पुलिस ने नौकरी तलाश रहे युवाओं से अपील की है कि किसी भी कंपनी या एजेंसी को रजिस्ट्रेशन, इंटरव्यू या जॉइनिंग के नाम पर अग्रिम भुगतान करने से पहले उसकी प्रमाणिकता अवश्य जांच लें। यदि कोई संस्था नौकरी दिलाने के बदले धनराशि मांगती है या संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दें।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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