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इस स्वतंत्रता दिवस बच्चों को मिलेगी एक नई आजादी – अपने भविष्य को खुद चुनने की

  • एआई बताएगा रुचि, क्षमता और कौशल की दिशा; edskNext का दावा, करियर की उलझन से स्पष्टता तक ले जाएगा विद्यार्थियों को

नई दिल्ली, 15 अगस्त। आजादी का अर्थ केवल बंधनों से मुक्त होना नहीं, बल्कि अपने जीवन की दिशा चुनने का अधिकार भी है। ऐसे में देश के करोड़ों स्कूली बच्चों के लिए इस स्वतंत्रता दिवस पर एक नया सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है – क्या हर बच्चे को अपने भविष्य को समझने और अपनी क्षमता के अनुरूप करियर चुनने की समान आजादी मिल रही है?

इसी सवाल का तकनीक के माध्यम से जवाब तलाश रहा है Deepspatial का एआई आधारित प्लेटफॉर्म edskNext, जो कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए करियर और वेलबीइंग इंटेलिजेंस को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

करियर का फैसला सिर्फ अंकों से नहीं

आज भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के करियर विकल्प बोर्ड परीक्षाओं के अंक, परिवार की पसंद, रिश्तेदारों की सलाह या आसपास के प्रचलित करियर विकल्पों से प्रभावित होते हैं। कई विद्यार्थियों को अपनी वास्तविक रुचि, क्षमता और भविष्य में जरूरी कौशल की जानकारी उस समय मिलती है, जब करियर का महत्वपूर्ण निर्णय लगभग लिया जा चुका होता है।

edskNext इस पारंपरिक मॉडल से अलग एआई आधारित डेटा इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करता है। प्लेटफॉर्म विद्यार्थी की व्यक्तित्व विशेषताओं, रुचियों, क्षमताओं, व्यवहारिक संकेतों, कौशल और वेलबीइंग से जुड़े डेटा को एक साथ समझने का प्रयास करता है और उसके आधार पर संभावित करियर दिशाओं तथा कौशल विकास का रोडमैप तैयार करता है।

यानी सवाल केवल यह नहीं कि “आपके कितने अंक हैं?”, बल्कि यह भी कि “आप कौन हैं, आपकी रुचि किसमें है, आपकी ताकत क्या है और भविष्य में आपको किन कौशलों की जरूरत होगी?”

एआई भविष्य तय नहीं करेगा, दिशा समझने में मदद करेगा

Deepspatial की चीफ एआई ऑफिसर डॉ. बुशरा ज़मान के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का काम किसी विद्यार्थी के लिए भविष्य का फैसला करना नहीं है। एआई बड़ी मात्रा में उपलब्ध संकेतों में ऐसे पैटर्न पहचान सकता है जिन्हें मनुष्य के लिए बड़े स्तर पर देखना कठिन होता है।

इसी सोच के तहत edskNext psychometric intelligence, adaptive assessments, AI-driven career guidance और future skills mapping को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य एक बार की aptitude test के बजाय विद्यार्थी के साथ लंबे समय तक विकसित होने वाली guidance journey तैयार करना है।

हर बच्चे के लिए ‘पर्सनलाइज्ड’ करियर इंटेलिजेंस

प्लेटफॉर्म की एक प्रमुख क्षमता इसका adaptive assessment approach है। यानी विद्यार्थी की प्रतिक्रियाओं और प्रदर्शन के आधार पर आकलन को अधिक व्यक्तिगत बनाने की कोशिश की जाती है।

इसके साथ career-cluster matching विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता से जुड़े संभावित क्षेत्रों को समझने में मदद करता है। Future-skills mapping उन्हें यह देखने का अवसर देता है कि चुने गए करियर की दिशा में आगे बढ़ने के लिए किन कौशलों की जरूरत हो सकती है।

इस तरह edskNext का मॉडल Assessment → Intelligence → Guidance → Skills → Mentorship की एक सतत यात्रा तैयार करने की कोशिश करता है।

वेलबीइंग भी करियर का हिस्सा

प्लेटफॉर्म केवल करियर को अकादमिक उपलब्धियों से जोड़कर नहीं देखता। इसमें विद्यार्थी के confidence, motivation, resilience और emotional readiness जैसे वेलबीइंग संकेतों को भी मार्गदर्शन प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।

क्योंकि कई बार विद्यार्थी की क्षमता और उसकी उपलब्धि के बीच अंतर केवल ज्ञान का नहीं होता—आत्मविश्वास, प्रेरणा और सही दिशा का भी होता है।

महानगर से गांव तक समान अवसर की कोशिश

भारत में गुणवत्तापूर्ण करियर काउंसलिंग की उपलब्धता अभी भी समान नहीं है। बड़े शहरों के विद्यार्थियों को विशेषज्ञ काउंसलर, टेस्टिंग और mentorship की सुविधाएं अपेक्षाकृत आसानी से मिल जाती हैं, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्प सीमित हो सकते हैं।

Deepspatial के CMO सौरभ त्यागी का कहना है कि किसी दूरदराज के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थी को भी वही गुणवत्ता वाली career intelligence मिलनी चाहिए जो महानगर के किसी निजी स्कूल के विद्यार्थी को उपलब्ध है।

यहीं एआई को educational equity के माध्यम के रूप में देखने की कोशिश सामने आती है।

नीति से विद्यार्थी तक पहुंची एआई की यात्रा

Deepspatial पहले ही मेघालय और हिमाचल प्रदेश में सरकारी शिक्षा पहलों के साथ एआई आधारित शिक्षा समाधानों पर काम कर चुका है। कंपनी के अनुसार, इन पहलों में बड़े स्तर पर विद्यार्थियों के learning outcomes को समझने और शिक्षा विभागों को डेटा आधारित insights उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।

edskNext इसी अनुभव को policy dashboard से student dashboard तक ले जाने की दिशा में अगला कदम है – जहां डेटा और एआई का उपयोग केवल व्यवस्था को समझने के लिए नहीं, बल्कि विद्यार्थी को खुद को समझने में मदद करने के लिए भी किया जाए।

सिर्फ करियर नहीं, अपनी आवाज चुनने की आजादी भी

Deepspatial के शिक्षा पोर्टफोलियो में edskExpress भी शामिल है, जिसे विद्यार्थियों की खबरों, लेखन, कला और विचारों के लिए डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल भविष्य की नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें सोचने, सवाल पूछने और अपनी बात कहने का मंच देना भी है।

15 अगस्त पर ‘नई आजादी’ का सवाल

भारत की आजादी की कहानी हर पीढ़ी के लिए नए अर्थ लेकर आती है। आज की पीढ़ी के लिए स्वतंत्रता का एक अर्थ यह भी है कि किसी बच्चे का भविष्य केवल उसके परिवार की आर्थिक स्थिति, शहर, स्कूल या उपलब्ध सलाह के आधार पर तय न हो।

edskNext इसी विचार को तकनीक से जोड़ता है—”Confusion to Clarity”।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यदि किसी विद्यार्थी की रुचि को पहचान सके, उसकी क्षमता के संकेतों को समझ सके, भविष्य के कौशलों से उसका मिलान कर सके और उसे उपयुक्त मार्गदर्शन तक पहुंचा सके, तो यह केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं होगी।

यह उस बच्चे के लिए अपने भविष्य को चुनने की एक नई स्वतंत्रता होगी।

और शायद इस 15 अगस्त पर भारत के बच्चों के लिए आजादी का यही अगला अर्थ हो सकता है – भविष्य कोई और तय न करे; हर बच्चा अपने सामर्थ्य को समझे, अपनी दिशा चुने और अपने सपनों तक पहुंचने का रास्ता खुद तय कर सके।

LP News

Local Post News Network

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