विश्व विख्यात कथा वाचक श्री रसराज जी महाराज की वाणी से श्रोतागण भावविभोर

गाजियाबाद : हिंदी भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में मंगलवार को विश्व विख्यात कथा वाचक श्री रसराज जी महाराज ने परीक्षित जन्म, विदुर चरित्र और ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उनकी मधुर वाणी में श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर उनके बैकुंठ गमन तक के प्रसंगों ने उपस्थित श्रोताओं को अध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
महाराज श्री ने विदुर के चरित्र और श्रीकृष्ण के प्रति उनकी अटूट भक्ति को विस्तार से समझाया। साथ ही, ध्रुव चरित्र की प्रेरणादायक कथा का वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि ध्रुव ने भगवान विष्णु की कठिन तपस्या से अपने जीवन को दिव्यता में परिवर्तित किया।
कथा में श्रीमद् भागवत का भी उल्लेख हुआ। महाराज श्री ने समझाया कि यह दिव्य कथा भगवान विष्णु से ब्रह्मा जी, नारद जी, वेदव्यास जी और सुखदेव जी के माध्यम से महाराज परीक्षित तक पहुंची। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत की कथा आज गंगा की अविरल धारा की तरह हर घर में भक्तों तक पहुंच रही है।
कथा के दौरान सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और अन्य भजनों का भी पाठ किया गया, जिसे सुनकर भक्तगण भावविभोर हो गए। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
इस पावन अवसर पर विपिन सिंघल, पूनम सिंघल, प्रवीण सिंघल, पारुल सिंघल, संजय सिंघल, संजना सिंघल, पूजा गर्ग, साक्षी, लव गुप्ता, तन्वी, आकाश चौधरी, प्रतीक सिंघल, दिव्यांश सिंघल, आदित्य सिंघल, नमिश सिंघल, अनन्या, प्रगति गर्ग, वन्य गर्ग समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजन ने भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की और कथा के हर प्रसंग ने भक्ति रस की अनुभूति कराई।



