मसूरी के कुशलिया गांव में सरकारी भूमि से कथित अतिक्रमण हटाया गया, मदरसा भवन ध्वस्त

- राजस्व रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की कार्रवाई, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान शांतिपूर्ण संपन्न
गाजियाबाद। गाजियाबाद प्रशासन ने मसूरी थाना क्षेत्र के कुशलिया गांव में सरकारी भूमि पर बने एक धार्मिक शैक्षणिक ढांचे को हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन के अनुसार राजस्व विभाग की जांच में संबंधित निर्माण सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर पाया गया था, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार गांव कुशलिया स्थित खसरा संख्या 1061 और 1063 राजस्व अभिलेखों में खाद के गड्ढे एवं सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज हैं। जांच के दौरान करीब 880 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा पाया गया, जहां “फ़ैज़-ए-आम मदरसा मिस्बाह-उल-उलूम” नाम से गतिविधियां संचालित होने की जानकारी सामने आई।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय सीमा में कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
कार्रवाई जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर एसडीएम सदर अरुण दीक्षित की निगरानी में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।
प्रशासन के अनुसार संबंधित भूमि की अनुमानित बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जिस व्यक्ति के नाम पर निर्माण कराया गया था, उसकी मृत्यु हो चुकी है।
कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।


