भारत-रूस सांस्कृतिक संगम: गुरुकुल स्कूल में यूनोस्ट पॉप डांस एन्सेम्बल ने किया मंत्रमुग्ध

गाज़ियाबाद, 9 जुलाई 2025।
गुरुकुल स्कूल में उस समय अद्भुत दृश्य देखने को मिला जब रूस के विश्व प्रसिद्ध ‘यूनोस्ट पॉप डांस एन्सेम्बल’ के प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय का दौरा किया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान के इस विशेष कार्यक्रम में भारत और रूस की समृद्ध परंपराओं और कलाओं का जीवंत संगम प्रस्तुत हुआ।
कार्यक्रम की अगुवाई यूनोस्ट एन्सेम्बल के संस्थापक एवं कला निर्देशक अनातोली दिमित्रिच साजोनोव ने की, जो इस अवसर के मुख्य अतिथि भी रहे। उनके साथ रशियन एम्बेसी की प्रमुख प्रतिनिधि ओल्गा क्रोशकीना समेत कई गणमान्य व्यक्ति रूस का प्रतिनिधित्व करते हुए उपस्थित रहे।


यूनोस्ट एन्सेम्बल, जिसकी स्थापना 1976 में हुई थी, ने दुनिया भर में अपनी नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया है। इस अवसर पर भी उन्होंने 20 से अधिक नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए मॉडर्न डांस, जैज़ और पारंपरिक रूसी लोकनृत्य की अद्भुत झलक दिखाई, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।
वहीं, गुरुकुल स्कूल के छात्रों ने भी भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाते हुए भारतीय लोक एवं शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियां दीं, जिसने रूसी कलाकारों को भावविभोर कर दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल के शैक्षणिक वातावरण, कक्षाओं और भारतीय शिक्षण पद्धति का भी अवलोकन किया और छात्रों से बातचीत की। उन्होंने भारतीय संस्कृति, मूल्यों और शिक्षा प्रणाली के प्रति गहरी रुचि और सम्मान प्रकट किया।


विद्यालय के प्राचार्य गौरव बेदी ने इस आयोजन को भारत और रूस की दो महान संस्कृतियों के मैत्रीपूर्ण मिलन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस सांस्कृतिक समागम से न केवल दोनों देशों के रिश्तों में और प्रगाढ़ता आएगी बल्कि युवाओं के मन में वैश्विक एकता का भाव भी जागृत होगा।
कार्यक्रम के अंत में रूसी प्रतिनिधिमंडल ने गुरुकुल विद्यालय के आतिथ्य और भारतीय संस्कृति की जीवंतता की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने गुरुकुल को “भारतीय संस्कृति का जीवंत रूप” बताते हुए इस अनुभव को “अविस्मरणीय” बताया।
यह आयोजन जहां एक ओर भारत-रूस की दोस्ती को एक नया आयाम देता है, वहीं दूसरी ओर यह आने वाली पीढ़ी को यह सीख भी देता है कि संस्कृति, कला और शिक्षा के माध्यम से दूरियां मिटाई जा सकती हैं और दिलों को जोड़ा जा सकता है।



