गीता धाम मंदिर, वसुंधरा में धूमधाम से मनाया गया हनुमान जन्मोत्सव

गाजियाबाद, बुधवार। वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित गीता धाम मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और हनुमत पाठ व कीर्तन में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भक्ति का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन कर हनुमान जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
इस अवसर पर ‘शिव गुरु चिंतन धारा फाउंडेशन’ के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य पंडित शिव चरण शर्मा (पंडित शिवगुरु) ने हनुमान जी के जन्म से जुड़ी धार्मिक कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि त्रेतायुग में भगवान शिव ने भगवान राम की सेवा हेतु अंश रूप में जन्म लेने का संकल्प किया था। माता अंजना और वानरराज केसरी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पुत्र रूप में जन्म लेने का वरदान दिया।
उन्होंने आगे बताया कि अयोध्या में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ का प्रसाद पवन देव के माध्यम से माता अंजना तक पहुंचा, जिसके प्रभाव से चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जी का जन्म हुआ। बाल्यकाल में उनकी अद्भुत शक्तियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने सूर्य को फल समझकर निगलने की कथा भी सुनाई, जिसके कारण उनके नाम ‘हनुमान’ की उत्पत्ति बताई जाती है।
वक्ता ने कहा कि हनुमान जी भक्ति, शक्ति और बुद्धि के प्रतीक हैं और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर व्यक्ति अपने जीवन को सुदृढ़ बना सकता है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही और पूरे आयोजन के दौरान भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।


