गाजियाबाद में गूंजा श्याम नाम – भक्तिरस में डूबा शहर–कन्हैया मित्तल और नंदू भैया जी के भजनों ने बांधा समा

गाजियाबाद। शुक्रवार की रात भक्ति और आनंद के रंगों में रंग गई। अवसर था श्री खाटू श्याम मित्र मंडल के 21वें वार्षिक उत्सव का, जिसने पूरे शहर को श्याममय बना दिया। श्रद्धा, संगीत और समर्पण का यह संगम हर हृदय में भक्ति का दीप जला गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा श्याम के जयकारों के साथ हुई, जिसके बाद मंच पर जब प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल पहुंचे तो वातावरण में जैसे दिव्यता उतर आई। उन्होंने अपनी भावपूर्ण आवाज़ में जब गाया – “ओह सांवरे, मुझे तेरी ज़रूरत है” तो श्याम भक्तों की आंखें भावनाओं से भर आईं। हर श्रोता उस स्वर लहरियों में खो गया जिसमें प्रेम और पीड़ा का अद्भुत मेल था। इसके बाद जब मित्तल जी ने गाया – “चांद भी फीका लगे बाबा, जबसे देखा रूप तेरा”, तो पूरा पंडाल “श्याम-श्याम” के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों की आंखों में श्रद्धा के आँसू थे और होंठों पर बाबा का नाम।

इसी भक्ति धारा को आगे बढ़ाते हुए श्याम भजन सम्राट श्री नंदू भैया जी ने मंच संभाला और अपने जोशीले भजनों से वातावरण को ऊर्जामय कर दिया। उनका प्रसिद्ध भजन “मेरे शीश के दानी का सारे जग में बजे डंका” सुनकर भक्त झूम उठे और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। फिर जब उन्होंने गाया “कीर्तन की है रात बाबा, आज तने आने है”, तो ऐसा लगा मानो स्वयं बाबा श्याम अपने भक्तों के बीच विराजमान हों।
कार्यक्रम में कोमल शर्मा (जयपुर), अनिल जानी (मेरठ), विशाल शैली (पटियाला) और मयूर जी (सोनीपत) जैसे प्रसिद्ध भजन गायकों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाबा श्याम के लिए तैयार विशाल और आकर्षक पंडाल को कोलकाता के विशेष कारीगरों ने सजाया। बाबा को विशेष बागा पहनाया गया और 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इत्र वर्षा से पूरा वातावरण सुरभित हो उठा। श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादम की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई, जिससे हर भक्त ने बाबा की कृपा का अनुभव किया।

संस्था के चेयरमैन श्री ए.के. तिवारी ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि भक्ति और सेवा की परंपरा का प्रतीक है। संस्था के मीडिया प्रभारी श्री सौरभ जायसवाल ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को भव्यता और श्रद्धा के साथ सम्पन्न किया गया। संस्था के अध्यक्ष श्री सौरभ गर्ग ने कहा कि श्री खाटू श्याम मित्र मंडल पूरे वर्ष भक्ति के साथ-साथ समाजसेवा में भी सक्रिय रहता है। रक्तदान शिविर, अन्न वितरण, भंडारे और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य संस्था की पहचान बन चुके हैं।
उत्सव में श्री महंत नारायण गिरी जी महाराज और श्री गिरीशनंद जी महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ। उनके प्रेरणादायक प्रवचनों ने भक्तों को जीवन में प्रेम, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में अमित अरोड़ा, रामकृपाल शर्मा, दीपक अग्रवाल, मुकेश बंसल, विजय गर्ग, जितेंद्र यादव, राजा ओबेरॉय और के.के. स्वामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
गाजियाबाद की यह श्याम-भक्ति रात इस बात की साक्षी बनी कि जब सच्चे मन से भक्ति की जाती है, तो स्वयं बाबा श्याम अपने भक्तों के बीच उतर आते हैं। देर रात तक “ओह सांवरे, मुझे तेरी ज़रूरत है” और “मेरे शीश के दानी का सारे जग में बजे डंका” कीर्तन की है रात की गूंज वातावरण में तैरती रही और भक्त अपने हृदय में बाबा की कृपा का अमिट अनुभव लेकर लौटे।

