गाजियाबाद नगर निगम बालिका विद्यालय, मकनपुर ने मनाई रजत जयंती, महापौर सुनीता दयाल रहीं मुख्य अतिथि

गाजियाबाद: नगर निगम बालिका विद्यालय, मकनपुर ने अपनी स्थापना के 25 गौरवपूर्ण वर्षों का जश्न रजत जयंती समारोह के रूप में धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर नगर की महापौर सुनीता दयाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत के साथ हुई। बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों, तकनीकी प्रदर्शनियों और हैंडमेड वस्तुओं की प्रदर्शनी ने सभी का मन मोह लिया।
महापौर ने बालिकाओं की कलात्मक और तकनीकी प्रतिभा की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार की गई नवाचारपूर्ण तकनीकी परियोजनाओं को देखा और उनसे संवाद कर उनके प्रयासों की प्रशंसा की। कला और हुनर के इस संगम ने स्कूल के वातावरण को उत्साह और प्रेरणा से भर दिया।
अपने संबोधन में महापौर सुनीता दयाल ने बताया कि यह विद्यालय 25 वर्ष पूर्व एक पेड़ के नीचे से शुरू हुआ था, जो आज इस मुकाम पर पहुंचा है, इसका श्रेय विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और उन सामाजिक संस्थाओं को जाता है जिन्होंने समय-समय पर हरसंभव योगदान दिया। उन्होंने बताया कि कुछ एनजीओ के सहयोग से यहां विज्ञान प्रयोगशालाएं (लैब) भी स्थापित की गई हैं। महापौर ने उन सभी संस्थाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
महापौर ने यह भी कहा कि यदि नगर निगम के विद्यालयों को उचित संसाधन और सहयोग मिले तो वे किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं हैं। उन्होंने यह प्रस्ताव भी रखा कि छात्राओं द्वारा तैयार की गई हैंडमेड वस्तुओं की प्रदर्शनी को आगे बढ़ाकर एक एक्सहिबिशन के रूप में आयोजित किया जा सकता है, जिससे छात्राओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का मार्ग भी मिल सके।
विद्यालय की प्रधानाचार्य अनिता वशिष्ठ ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल की यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों और बालिकाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने महापौर का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जिन्होंने हमेशा स्कूल को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर पार्षद धीरज अग्रवाल, पार्षद राधेश्याम त्यागी, पार्षद अनुज त्यागी, अपर नगर आयुक्त जंगबहादुर यादव, पूर्व पार्षद सलेक चंद त्यागी सहित कई गणमान्य नागरिक एवं विद्यालय परिवार की समस्त छात्राएं व स्टाफ मौजूद रहा।
विद्यालय का यह रजत जयंती समारोह न केवल अतीत की उपलब्धियों को याद करने का अवसर बना बल्कि भविष्य की नई ऊंचाइयों को छूने का भी संकल्प बन गया।



