इंश्योरेंस संघों का संयुक्त आंदोलन: गाजियाबाद में जीवन बीमा निगम में वेतन और पेंशन पर विरोध

गाजियाबाद: आल इण्डिया इंश्योरेंस एम्प्लायॅस एसोसिएशन (AIIEA) , फेडरेशन आफ एल आई सी क्लास 1 आफिसर एसोसिएशन, NFIFWI और AILICEF के संयुक्त आव्हान पर आज गाजियाबाद की भारतीय जीवन बीमा निगम की तीनों शाखाओं में वेतन पुनर्निधारण , पेंशन के अपडेशन और NPS की कटौती 14% करने के संबंध में भोजनावकाश पूर्व एक घण्टे का कार्य बहिष्कार करके अपना विरोध दर्ज कराया गया ।
इस संबंध में एम डी आई ई यू के मंडलीय उपाध्यक्ष संजय कौशिक ने बताया कि हमारा वेतन पुर्ननिर्धारण लगभग डेढ़ वर्ष से लम्बित हैं,उसके बावजूद प्रबंधन द्वारा अभी तक कोई वार्ता आयोजित नहीं की गयी हैं। प्रबंधन से लगातार अनुरोध करने के बावजूद अभी तक सकारात्मक पहल नहीं की गयी हैं। 2017 से 2022 के मध्य एलआईसी द्वारा प्रत्येक मानक पर शानदार प्रगति हासिल की गयी हैं। इस दौरान कुल प्रीमियम आय में लगभग 44 प्रतिशत, प्रति कर्मचारी प्रीमियम में 48 प्रतिशत (2.77 करोड़ से 4.11 करोड़) तथा कुल संपदा (AUM) में 50 प्रतिशत से ज्यादा की शानदार बढोत्तरी के बावजूद कर्मचारियों की जायज मांगो का समाधान नहीं दिया जाना सरकार और प्रबंधन की हठधर्मिता को प्रदर्शित करता हैं।
अधिकारियों के संगठन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रितेश अग्रवाल द्वारा एल आई सी की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एस एंड पी ग्लोबल मार्केट इंटेलीजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार एलआईसी 504 बिलियन डॉलर रिजर्व के आधार पर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी बीमा कंपनी का दर्जा हासिल किया गया हैं। 30 सितंबर 2023 को समाप्त छमाही लेखाबंदी के उपरांत एलआईसी का कुल खर्च में भी कमी हुई हैं,पिछले वर्ष के मुकाबले यह 16.69 प्रतिशत से घटकर 15.14 प्रतिशत रह गया हैं,तथा एलआईसी का 13 महीने का पर्सिंटेटी अनुपात भी 77.62 प्रतिशत से बढ़कर 78.49 प्रतिशत हो गया हैं।
क्लास 1 अधिकारियों के मंडलीय उपाध्यक्ष अरविंद त्यागी ने कहा कि एलआईसी दुनिया में एकमात्र सरकारी बीमा कंपनी हैं जो 23 वर्षो से निजी कंपनियो के साथ गलाकाट प्रतियोगिता के बावजूद जिसका मार्केट शेयर प्रीमियम आय के आधार पर 60 प्रतिशत तथा पालिसी संख्या के आधार पर 70 प्रतिशत से ज्यादा हैं,जो अपने में अद्भभुत हैं। एलआईसी द्वारा यह सारी उपलब्धियाँ बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में हासिल की गयी हैं।जो केवल और केवल एलआईसी में कार्यरत कार्यबल के अथक परिश्रम का ही परिणाम हैं।
शाखा 1 के एमडीआईईयू के सचिव गौरव कुमार ने कहा कि यह भी उल्लेखनीय हैं कि सार्वजनिक बैंको के वेतन पुर्ननिर्धारण पर सहमति हस्ताक्षरित हो चुकी हैं,इस सबके बावजूद हमारे वेतन पुर्ननिर्धारण पर अभी तक कोई वार्ता प्रारंभ ना करना बेहद निराशाजनक हैं तथा अन्यायपूर्ण हैं। ऐसी परिस्थितियों में अपने वेतन पुर्ननिर्धारण तथा अन्य जायज मांगो आवश्यकतानुसार भरती,एनपीएस की समाप्ति तक प्रबंधन का योगदान 10 प्रतिशत से बढाकर 14 प्रतिशत करना हासिल करने के लिए एआईआईईए के नेतृत्व में सयुंक्त कार्यक्रम की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करना अपरिहार्य हैं।
शाखा 2 के सचिव मुकुल दीक्षित ने कहा कि हमें स्मरण हैं आज से पचास वर्ष पूर्व 1974 में तत्कालीन सरकार की तालाबंदी नीति को परास्त करके हमने अपना ऐतिहासिक पुर्ननिर्धारण हासिल किया था। पचास वर्ष पूर्व आज ही के दिन बीमा कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के लिए श्रीमती इंदिरा गांधी की सरकार के द्वारा पांच मंडल कार्यालयों पटना,दिल्ली, बैंगलोर, मद्रास तथा धारवाड के मशीन विभाग में तालाबंदी कर दी गयी थी तथा अगले दिन मेरठ मंडल में तालाबंदी कर दी गयी थी, उसके बावजूद एआईआईईए के नेतृत्व में बीमा कर्माचारियों द्वारा अदम्य साहस के साथ देश के पैमाने पर आंदोलन एवं संघर्ष से सरकार की नीति को परास्त कर एक बेहद शानदार और संघर्षपूर्ण विजय हासिल की गई थी। आईऐ, एक बार फिर से स्वर्णिम इतिहास को स्मरण करते हैं और विश्वास करते है कि हमारी मांगे शीघ्र ही मानी जायेंगी ।
इस अवसर पर बीएस नेगी, दिनेश कुमार, पूनम सिंह, अरुण कुमार,मयंक , सुनील , अर्नब मोण्डल, चंचल , कुवंर कुलदीप,अजय विश्नोई, रविन्द्र शर्मा, राजीव कुमार शर्मा, विजय सिंह, अनुराग सचाम, मनोज कुमार, विशाल सैनी , सुमित कुमार , जितेन्द्र रावत , विपिन अग्रवाल , सुरभि , शिवांग, रूचि शर्मा, राकेश सक्सैना, गौरव शर्मा, जगतनारायण, प्रीति त्यागी, अनुज चौहान, धीरज अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजीव शर्मा, वीना शर्मा, आर. अनुराधा, मोहित शर्मा, मनीष तिक्खा, नीरु शर्मा, अंशु सक्सैना, विपिन जैन आदि उपस्थित थे।


