तिब्बती नागरिकों के साथ मिलकर गीता जयंती पर चीन का झंडा व शीजिनपिंग का पुतला दहन
गाजियाबाद: कैलाश मानसरोवर मुक्ति तिब्बत की आजादी का संकल्प लेते हुए मनायी श्रीमद्भगवद्गीता जयंती। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी विक्रम संवत 2079 को भारत तिब्बत समन्वय संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदीप त्यागी रसम द्वारा तिब्बती नागरिकों देश के होनहार बालको युवाओं व वरिष्ठ नागरिकों के साथ मिलकर श्रीमद भगवत गीता जयंती के अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला दहन किया और तिब्बत व कैलाश मानसरोवर को मुक्त करने की मांग की।
भारत तिब्बत समन्वय संघ की राष्ट्रीय बैठक रांची में दिनांक 17 व 18 दिसंबर को होगी
इस मंथन 2022 में तिब्बत मानसरोवर मुक्त कराने के विषय पर देश भर से प्रतिनिधि एकत्र होंगे। इस कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदीप त्यागी रसम पूरी कार्यकारिणी के साथ भाग लेंगे। इस अवसर पर संदीप त्यागी रसम ने बोलते हुए कहा कि
भारत तिब्बत समन्वय संघ विश्व भर में सनातन संस्कृति की आस्था के आधार शिव के निवास स्थान कैलाश मानसरोवर को मुक्त कराये जाने के लिए जनजागरण अभियान चलाते हुए सभी देशों से चीन पर दबाव डालकर तिब्बत की मुक्ति हेतु सतत रूप से सक्रिय है।
विश्व भर के सनातनियों को मुक्त रूप से दर्शन करने में कोई अवरोध नहीं होना चाहिए। आज चीन कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से भारी रकम वसूली करता है, जोकि जजिया कर के उत्पीड़न को याद दिलाता है। जी-20 समूह में चीन का बहिष्कार होना चाहिए। जी-20 का जब-जब आयोजन होगा तब तब विभिन्न क्षेत्रों में बीटीएसएस चीन के बहिष्कार का आह्वान करेगा।
कैलाश मानसरोवर की मुक्ति व तिब्बत की आजादी तक चीन का विरोध किया जाएगा
इस अवसर पर मुख्य रूप से व्यापारी नेता पंडित अशोक, भारतीय भारत तिब्बत समन्वय संघ (बीटीएसएस) के क्षेत्रीय अध्यक्ष संदीप त्यागी रसम, तिब्बत मार्केट के अध्यक्ष शेरिंग नोरके फेमो जोला ताशी, तेजेश चतुर्वेदी राष्ट्रीय मंत्री, युवा वीरेंद्र कंडेरे,
सावन कुमार, योगेश कुमार, श्वेता, सोमी, प्रीति, राजकुमारी त्यागी सहित बड़ी संख्या में तिब्बती नागरिक उपस्थित रहे।
चीन हाय हाय भारत तिब्बत मैत्री जिंदाबाद के नारे लगाए गए।