श्रीमद् भागवत कथा का समापन: सुदामा चरित्र और परीक्षित उद्धार ने भक्तों को भावविभोर किया

गाजियाबाद : गौड़ कैसकेड्स क्लब हाउस में आयोजित चौथी श्रीमद् भागवत कथा का आज भव्य समापन हुआ। वृंदावन से पधारे श्रद्धेय यशोदा नंदन जी महाराज ने कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र और परीक्षित उद्धार जैसे पवित्र प्रसंग सुनाए, जिन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं के दिलों को छू लिया।
कथा में सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की मित्रता का मार्मिक वर्णन सुनाया गया। महाराज श्री ने सुदामा की कथा के माध्यम से भक्ति, त्याग और भगवान की असीम कृपा का महत्व बताया। कथा के दौरान कृष्ण जन्मोत्सव, छप्पन भोग, फूलों की होली, और रुक्मिणी विवाह जैसे दिव्य आयोजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के समापन पर 108 दीपों से भव्य आरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। इस सात दिवसीय आयोजन में भक्तों ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से परिपूर्ण कथा का आनंद लिया और जीवन को धन्य किया।


आयोजन और सहयोग:
मुख्य आयोजक अनुज शर्मा ने बताया कि यह आयोजन सोसाइटी के निवासियों और गौड़ कैसकेड्स परिवार के सहयोग से संपन्न हुआ। आयोजन में सहयोग देने वाले प्रमुख भक्तों में अनुज शर्मा, निधि शर्मा, रवि गर्ग, अंजू मलिक, संजीव मलिक, और विमलेश जैसे नाम शामिल थे।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति:
आज की कथा में भाजपा महानगर अध्यक्ष और गाजियाबाद सदर विधायक संजीव शर्मा, पूर्व पार्षद संजीव त्यागी, और व्यापारी दुष्यंत शर्मा जैसे विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की। महाराज जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का पटका पहनाकर सम्मान किया।



आभार और भावी आयोजन:
महाराज श्री ने अपनी 429वीं कथा को गाजियाबादवासियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव बताया और अगली कथा की घोषणा की, जो 30 दिसंबर से बिजनौर में आयोजित होगी। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, आयोजकों और कथा टीम का आभार व्यक्त किया।
कल, 29 दिसंबर को पूर्णाहुति के साथ महा प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।
महाराज श्री ने कथा के माध्यम से संदेश दिया कि भक्ति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र हित में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने सुदामा की कथा को आत्मसात करने की प्रेरणा दी और जीवन में सरलता, त्याग और भक्ति को अपनाने का आग्रह किया।


गौड़ कैसकेड्स क्लब हाउस में संपन्न यह दिव्य आयोजन श्रद्धालुओं के दिलों में हमेशा के लिए अमिट छाप छोड़ गया।


