Aura Chimera में पौधारोपण को लेकर विवाद, Team Saksham ने उठाए प्रबंधन पर सवाल

गाजियाबाद: राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑरा चिमेरा (Aura Chimera) सोसायटी में पौधारोपण अभियान को लेकर निवासियों के एक समूह और सोसायटी प्रबंधन के बीच विवाद सामने आया है। Team Saksham नामक निवासी समूह ने आरोप लगाया है कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रस्तावित पौधारोपण अभियान के दौरान उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। संगठन ने इस मुद्दे को सोसायटी प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ते हुए प्रशासनिक पारदर्शिता और AOA चुनाव कराने की मांग दोहराई है।
Team Saksham द्वारा जारी प्रेस वक्तव्य के अनुसार, 28 जून को सोसायटी परिसर में हरित वातावरण को बढ़ावा देने और सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से लगभग 40 पौधे लगाने का सामूहिक निर्णय लिया गया था। इस अभियान में राहुल त्यागी, अनुज श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, विकास वर्मा, अंकुर रंजन, कुमकुम श्रीवास्तव, आशीष त्यागी, रोहित शर्मा, अंकुर त्यागी, अंकित बंसल सहित कई निवासी शामिल हुए।
संगठन का दावा है कि पौधारोपण कार्य को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सोसायटी के मेंटेनेंस स्टाफ से एक माली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। Team Saksham का आरोप है कि मेंटेनेंस प्रबंधन की ओर से यह कहते हुए सहयोग देने से इनकार कर दिया गया कि AOA की अनुमति के बिना कोई भी मेंटेनेंस कर्मचारी इस कार्य में शामिल नहीं होगा।
Team Saksham ने इसे पर्यावरण संरक्षण जैसे सार्वजनिक हित के कार्य में अनावश्यक बाधा बताते हुए प्रश्न उठाया कि यदि निवासी अपने स्वयं के संसाधनों और श्रम से पौधारोपण करना चाहते हैं, तो ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
AOA चुनाव को लेकर भी उठाए सवाल
संगठन ने यह भी दावा किया है कि वर्ष 2023 के बाद से सोसायटी में AOA के चुनाव नहीं कराए गए हैं। प्रेस वक्तव्य के अनुसार, इस संबंध में उप निबंधक (Deputy Registrar) कार्यालय और जनसुनवाई पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। Team Saksham का कहना है कि जिलाधिकारी गाजियाबाद को भी इस विषय में विस्तृत शिकायत भेजी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
चार प्रमुख मांगें रखीं
Team Saksham ने प्रशासन के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखी हैं—
- Aura Chimera में शीघ्र स्वतंत्र एवं निष्पक्ष AOA चुनाव कराए जाएं।
- पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण जैसे जनहित कार्यों में निवासियों को अनावश्यक रूप से बाधित न किया जाए।
- लंबित शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण किया जाए।
- सोसायटी के प्रशासन एवं प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने कहा है कि यदि संबंधित विभागों और जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वह सोसायटी के निवासियों के साथ शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। संगठन के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर जिलाधिकारी कार्यालय, उप निबंधक कार्यालय और अन्य संबंधित विभागों के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
हालांकि, इस संबंध में AOA अध्यक्ष, सोसायटी प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यह मामला फिलहाल निवासियों और प्रबंधन के बीच प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी मतभेद के रूप में सामने आया है। संबंधित शिकायतों और आरोपों पर सक्षम अधिकारियों द्वारा किसी अंतिम निष्कर्ष या आदेश की जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।


