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राजनगर एक्सटेंशन में महक जीवन सोसायटी की दीवारों पर सवाल, 412 परिवारों के सिर पर खतरा

  • फ्लैट में किचन की छत गिरी, महिला बाल-बाल बची – निवासियों ने बिल्डर से जवाबदेही मांगी

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की महक जीवन सोसायटी में एक हादसा टल गया। बी-1211 नंबर फ्लैट में किचन की छत का एक हिस्सा अचानक गिर पड़ा, जिससे वहां मौजूद महिला बाल-बाल बच गई। घटना के बाद निवासियों में रोष है और उन्होंने बिल्डर से जवाब मांगा है।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

निवासियों का आरोप है कि सोसायटी में दीवारों और छतों का पलस्तर कमजोर है तथा रेत और सीमेंट का अनुपात संतुलित नहीं दिखता। उनका कहना है कि हल्के दबाव से भी पलस्तर झरने लगता है, जिससे पूरे भवन की सुरक्षा पर संदेह पैदा होता है। लगभग 412 परिवार इस परियोजना में रह रहे हैं, जिनकी चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।

निवासी मुरारी लाल शर्मा, मितेश मल्होत्रा, मयंक शर्मा, पिंकी वर्मा, नीलम अहलावत और नीतिन चौधरी सहित कई लोगों ने कहा कि वे इस मामले में बिल्डर से जवाबदेही सुनिश्चित करने और आवश्यक सुरक्षा परीक्षण की मांग कर रहे हैं। निवासियों ने सामूहिक रूप से सेल्स ऑफिस में संवाद बैठक बुलाने तथा पुलिस और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करने की योजना बनाई है।

दिल्ली–एनसीआर में आम buyers की दुविधा

यह घटना उस व्यापक चिंता को भी उजागर करती है जो दिल्ली–एनसीआर के मध्यमवर्गीय घर खरीदारों में व्याप्त है। वर्षों की कमाई लगाकर खरीदे गए फ्लैटों में घटिया निर्माण सामग्री या रखरखाव की खामियां सामने आने से उनका विश्वास अक्सर हिल जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) ने खरीदारों के अधिकार मजबूत किए हैं, परंतु निगरानी व्यवस्था और समयबद्ध कार्रवाई अभी भी कई परियोजनाओं में कमजोर है। ऐसे मामलों से स्पष्ट होता है कि खरीदारों को समय पर सुरक्षा निरीक्षण, वारंटी क्लॉज़ और बिल्डर की जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।

राजनगर एक्सटेंशन की यह वारदात प्रशासन, डेवलपर्स और हाउसिंग रेगुलेटरी संस्थाओं के लिए एक सतर्क संकेत है, कि “किफायती आवास” के साथ “सुरक्षित आवास” भी उतना ही जरूरी है।


फ्लैट खरीदने से पहले खरीदारों के लिए आवश्यक है कि वे परियोजना की RERA पंजीकरण स्थिति, निर्माण गुणवत्ता से जुड़े प्रावधान, और डिफेक्ट लायबिलिटी जैसे प्रावधानों की जानकारी स्वयं भी सत्यापित करें। किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में विशेषज्ञ विधिक सलाह लेकर, नियामक संस्थाओं व उपभोक्ता मंचों के निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ना खरीदारों के हित में होता है।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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