‘रन फॉर डी.ए.वी.’ में 250 से अधिक छात्र धावकों ने दिखाई ऊर्जा और एकता की मिसाल

गाजियाबाद। प्रताप विहार स्थित डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में खेल गतिविधियों की श्रृंखला के तहत ‘रन फॉर डी.ए.वी. — शांति और एकता का अभियान’ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन महात्मा गांधी को समर्पित एक अनोखी पहल रही, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
अभियान का नेतृत्व आर्य रत्न पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी के मार्गदर्शन में किया गया। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. सिन्नी मल्होत्रा ने गुब्बारे उड़ाकर और हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि जीवन में निरंतर गतिमान रहना ही सफलता की कुंजी है।
शांति, एकता और फिटनेस का संदेश
‘रन फॉर डी.ए.वी.’ का उद्देश्य था— गांधीजी के स्वास्थ्य, एकता और सेवा के संदेश को जीवंत बनाना तथा विद्यार्थियों में फिटनेस, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना जागृत करना।
इस मैराथन में हिंडन डैम से लेकर कनावली पुलिया, वसुंधरा तक की दूरी तय की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपार उत्साह दिखाया।
तीन श्रेणियों में हुआ मुकाबला
दौड़ को तीन श्रेणियों में बांटा गया —
- 10 कि.मी. दौड़
- 5 कि.मी. दौड़
- 2 कि.मी. रन फॉर फन
पाँचवीं से बारहवीं कक्षा तक के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर स्कूल और क्षेत्र में स्वास्थ्य व एकता का संदेश फैलाया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।
🏆 विजेताओं को किया गया सम्मानित
बालिका वर्ग में:
- चहक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया,
- श्रेयसी पटेल द्वितीय स्थान पर रहीं,
- जबकि मेधांशी तीसरे स्थान पर रहीं।
बालक वर्ग में:
- ललित ने प्रथम स्थान हासिल किया,
- भागीरथ दूसरे स्थान पर रहे,
- और ईव्यान तीसरे स्थान पर रहे।
विजेताओं को ट्रॉफी और पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि सभी प्रतिभागियों की हौसला-अफ़ज़ाई शिक्षकों और अभिभावकों ने की।
‘रन फॉर डी.ए.वी.’ बना प्रेरणा का प्रतीक
प्रधानाचार्या डॉ. सिन्नी मल्होत्रा ने कहा,
“यह दौड़ सिर्फ खेल नहीं, बल्कि गांधीजी के सिद्धांतों — स्वास्थ्य, अनुशासन, एकता और सेवा — को जीवन में उतारने का प्रतीक है। आज हमारे विद्यार्थियों ने यह दिखा दिया कि खेल भावना ही असली राष्ट्र भावना है।”
डी.ए.वी. प्रबंधन कमेटी, दिल्ली ने स्कूल प्रशासन और शिक्षकों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजन आगे भी छात्रों में राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करते रहेंगे।



