मोहर्रम को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर प्रशासन ने की तैयारी बैठक

- ताजियों की ऊंचाई 12 फीट तक सीमित रखने के निर्देश, 20 जून से पहले व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य
गाजियाबाद। मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से रविवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट गाजियाबाद में पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ एवं अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राज करन नैय्यर ने की।
बैठक में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों एवं आयोजनकर्ताओं ने मोहर्रम आयोजन स्थलों और करबला क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, गड्ढामुक्त मार्ग तथा झूलते विद्युत तारों को व्यवस्थित किए जाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी।
इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं 20 जून 2026 से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं, ताकि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि पूर्व में भी विभिन्न धार्मिक आयोजनों एवं त्योहारों के दौरान समाज ने प्रशासन का सहयोग किया है और उम्मीद है कि इस बार भी मोहर्रम पर्व आपसी भाईचारे, शांति और अनुशासन के साथ संपन्न कराया जाएगा।
उन्होंने आयोजनकर्ताओं को निर्देश दिए कि मोहर्रम के अवसर पर निकाले जाने वाले ताजियों की ऊंचाई भूमि स्तर से 12 फीट से अधिक न रखी जाए। साथ ही किसी नई परंपरा की शुरुआत न करने और पूर्व से प्रचलित परंपराओं के अनुरूप ही आयोजन करने की अपील की। उन्होंने ध्वनि विस्तारक यंत्रों और डीजे के उपयोग को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आयोजनकर्ताओं से कार्यक्रम में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों की सूची प्रशासन एवं पुलिस को अग्रिम रूप से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिससे सुरक्षा और समन्वय बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सके।
अपर पुलिस आयुक्त राज करन नैय्यर ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार जनपद में इस वर्ष 87 ताजिए निकाले जाने प्रस्तावित हैं। इसके अतिरिक्त परंपरानुसार मन्नत के ताजिए भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने सभी आयोजनकर्ताओं से प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारी (एसीपी) अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करेंगे और मोहर्रम मार्गों की समीक्षा करेंगे ताकि श्रद्धालुओं और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़ी किसी भी आवश्यकता अथवा समस्या को समय रहते प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए ताकि उसका समय पर समाधान किया जा सके।
बैठक में पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजनकर्ता तथा विभिन्न समुदायों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


