बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में आप का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन

- मोदी सरकार की चुप्पी और विदेश नीति की विफलता के खिलाफ सड़कों पर उतरी आम आदमी पार्टी
गाजियाबाद : बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार बढ़ते हमलों, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं और बच्चों के साथ हो रही अमानवीय बर्बरता तथा भय के माहौल में कराए जा रहे जबरन पलायन के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार की “शर्मनाक चुप्पी” और “पूरी तरह विफल विदेश नीति” के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया कि हिंदुओं के खून पर खामोशी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।
यह प्रदर्शन पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए और आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन भारत सरकार न तो कूटनीतिक दबाव बना रही है और न ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कोई ठोस पहल कर रही है। पार्टी का कहना है कि इस चुप्पी से अत्याचारियों के हौसले बढ़ रहे हैं और हालात और भयावह होते जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष निमित यादव ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंख मूंदकर बैठे हैं। उन्होंने इसे केवल विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध बताया। प्रदेश प्रवक्ता तरूणिमा श्रीवास्तव ने कहा कि जब मंदिर जलाए जा रहे हैं और निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं, तब सरकार का मौन नैतिक पतन का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी कठोर और निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा।
जिला महासचिव शैलेश कुमार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की चुप्पी सोची-समझी है और यह कॉरपोरेट हितों से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस बांग्लादेश में हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है, उसी देश को भारत से बिजली आपूर्ति की जा रही है और मुनाफा कमाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि हिंदुओं की जान किसी भी कॉरपोरेट लाभ से सस्ती नहीं हो सकती।
आप के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अधिवक्ता मनोज त्यागी ने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रधानमंत्री देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करें और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खुलकर बोलें। उन्होंने कहा कि अब यह चुप्पी कमजोरी नहीं, बल्कि अपराध में भागीदारी बन चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के साथ सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध समाप्त करने, भारत से दी जा रही बिजली आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाने तथा हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग उठाई। राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की गई कि—
- हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी तक भारत–बांग्लादेश के सभी व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध तत्काल समाप्त किए जाएं।
- बांग्लादेश को डीजल आपूर्ति के व्यापार पर तुरंत रोक लगे।
- अडानी समूह की ओर से बांग्लादेश को दी जा रही बिजली आपूर्ति पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए।
- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दिए जा रहे संरक्षण पर केंद्र सरकार स्पष्ट और कड़ा निर्णय ले।
प्रदर्शन में प्रदेश प्रवक्ता तरूणिमा श्रीवास्तव, शिल्पी सचान, जिला महासचिव शैलेश कुमार, विधानसभा अध्यक्ष मुकेश प्रजापति, आप प्रवक्ता अधिवक्ता मनोज प्रकाश त्यागी, लोनी विधानसभा अध्यक्ष वसी अहमद सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



