निटरा के 52वें स्थापना दिवस पर नवाचार, आत्मनिर्भरता और सतत टेक्सटाइल विकास का संकल्प

मिल्कवीड फाइबर के लिए वैश्विक स्तर का प्रमाणन हासिल करने वाला बना दुनिया का पहला संस्थान
गाजियाबाद। उत्तर भारत के अग्रणी वस्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान निटरा (NITRA) ने अपना 52वां स्थापना दिवस गरिमामय वातावरण में मनाया। समारोह में भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व, देश के प्रमुख उद्योगपति, वस्त्र उद्योग जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों और मंत्रालय के उच्च अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद निटरा के डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा और महानिदेशक डॉ. एम.एस. परमार ने अतिथियों का स्वागत किया।
अपने संबोधन में डिप्टी चेयरमैन संदीप होरा ने निटरा की स्थापना और विकास यात्रा को रेखांकित करते हुए बताया कि यह संस्थान वस्त्र उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार और उद्योग जगत के साझा प्रयासों से स्थापित किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में एक विशिष्ट वस्त्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान की अवधारणा को उस समय के उद्योग जगत के अग्रणी नामों—एस.पी. विरमानी, एल.एन. झुनझुनवाला, सतीश कुमार मोदी और एच.सी. जैन—ने आगे बढ़ाया। उद्योगपति के.एन. मोदी के नेतृत्व तथा उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से राजनगर, गाजियाबाद में लगभग 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई, जिसने निटरा को स्थायी आधार प्रदान किया।
संदीप होरा ने कहा कि स्थापना के समय से ही निटरा ने उद्योग की चुनौतियों के समाधान को अपना मूल उद्देश्य बनाया। तकनीकी परामर्श, उत्पादकता सुधार, गुणवत्ता उन्नयन और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से संस्थान ने वस्त्र उद्योग का विश्वास अर्जित किया और स्वयं को आधुनिकीकरण के विश्वसनीय सहयोगी के रूप में स्थापित किया।
सतत फाइबर और टेक्सटाइल नवाचार में नई पहचान
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक डॉ. एम.एस. परमार ने निटरा की उपलब्धियों और वर्तमान परियोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि सतत और नवाचारपूर्ण रेशों के क्षेत्र में विशेषज्ञता को देखते हुए वस्त्र मंत्रालय ने हाल ही में निटरा को न्यू एज फाइबर्स (New Age Fibres) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नामित किया है।
इस नई भूमिका के तहत निटरा मिल्कवीड, फ्लैक्स और हेम्प जैसे पर्यावरण-अनुकूल और उभरते हुए रेशों पर अनुसंधान, विकास और प्रौद्योगिकी उन्नयन का कार्य करेगा। इसका उद्देश्य टिकाऊ वस्त्र उत्पादन, मूल्य संवर्धित औद्योगिक उपयोग, ग्रामीण आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा देना है।
निटरा ने अपने ट्रेडमार्क प्राप्त सतत फाइबर CloCell®️ का भी उल्लेख किया, जिसे पर्यावरण-अनुकूल और उच्च प्रदर्शन वाले वस्त्र पदार्थों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विश्व में पहली बार मिला यह सम्मान
समारोह का सबसे महत्वपूर्ण क्षण वह रहा जब यह घोषणा की गई कि निटरा मिल्कवीड फाइबर के लिए OEKO-TEX®️ Standard 100 Certification प्राप्त करने वाला विश्व का पहला संस्थान बन गया है।
यह प्रमाणन जर्मनी के प्रतिष्ठित Hohenstein संस्थान द्वारा प्रदान किया गया है और इसे वस्त्र सुरक्षा तथा गुणवत्ता के क्षेत्र में दुनिया के सबसे भरोसेमंद प्रमाणनों में माना जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय सुरक्षा के कठोर अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हैं।
अनुसंधान से उद्योग और राष्ट्र निर्माण तक
डॉ. परमार ने बताया कि निटरा देश की सबसे व्यापक वस्त्र अनुसंधान और परीक्षण अवसंरचनाओं में से एक संचालित करता है। संस्थान ने भारत की पहली फायर मैनिकिन फ्लेम एंगल्फमेंट टेस्टिंग सुविधा स्थापित की है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षात्मक परिधानों का परीक्षण करती है।
संस्थान की प्रमुख प्रयोगशालाओं में हीट एवं फ्लेम टेस्टिंग, पॉलिमर एवं तकनीकी वस्त्र परीक्षण, भौतिक एवं रासायनिक विश्लेषण, पर्यावरण परीक्षण, PPE मूल्यांकन और पायलट स्तर की स्पिनिंग, वीविंग, प्रोसेसिंग एवं डाइंग सुविधाएं शामिल हैं।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत निटरा द्वारा विकसित स्वदेशी परीक्षण उपकरणों ने भारत को प्रोटेक्टिव टेक्सटाइल परीक्षण एवं प्रमाणीकरण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंत्रियों ने की सराहना
राज्य मंत्री पबित्र मार्घेरिटा ने कहा कि उन्होंने निटरा की उपलब्धियों के बारे में सुना था, लेकिन संस्थान को निकट से देखने के बाद वे इसकी क्षमता और कार्यशैली से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशीकरण की दिशा में निटरा का योगदान उल्लेखनीय है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में निटरा को करीब से देखा है और यहां के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और मेहनत को अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि निटरा ने केवल वस्त्र उद्योग को नहीं बल्कि देश के सैनिकों, किसानों और श्रमिकों के हित में भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।
उन्होंने विशेष रूप से मिल्कवीड फाइबर के लिए वैश्विक प्रमाणन प्राप्त करने को देश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि वस्त्र मंत्रालय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और निटरा इसमें महत्वपूर्ण भागीदार है।
समारोह के अंत में उपनिदेशक विवेक अग्रवाल ने सभी अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निटरा की उपलब्धियां पूरे वस्त्र उद्योग के लिए प्रेरणास्रोत हैं और संस्थान भविष्य में भी नवाचार एवं औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।



