नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति : गाजियाबाद में महिला सशक्तिकरण पर भव्य संगोष्ठी आयोजित

गाजियाबाद : हिन्दी भवन, गाजियाबाद में रविवार को “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश विजन @2047” के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण विषय “नारी शक्ति से राष्ट्र शक्ति” पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस व उद्योग जगत से जुड़ी महिला वक्ताओं, छात्र-छात्राओं और गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से हुआ। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ (IAS) ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब मातृशक्ति सक्रिय योगदान देगी। समाज और राष्ट्र की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी अपरिहार्य है।
नरेन्द्र भूषण (IAS) ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हर नागरिक की भागीदारी से ही पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिना महिलाओं के योगदान के कोई भी देश विकसित नहीं हो सकता।
संगोष्ठी में क्रमवार वक्ताओं ने अपने विचार रखे। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी डॉ. ऋचा सूद ने कहा कि खेल चरित्र निर्माण करता है और उत्तम चरित्र राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। शिक्षिका मानसी गोयल ने कन्या शिक्षा योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा से ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।

स्वास्थ्य विभाग की डॉ. प्रियंका ने ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और टेली कंसल्टेशन जैसे नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया। एसीपी प्रिया पाल ने महिला सुरक्षा पर चल रहे अभियानों और पुलिस सुधारों की जानकारी दी।
उद्यमी रेशमा खान ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में महिलाओं को न केवल रोजगार दिया जा रहा है बल्कि उन्हें आत्मरक्षा की ट्रेनिंग और पुरुषों से अधिक वेतन भी दिया जाता है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाओं और नीतिगत बदलाव की आवश्यकता जताई।
वहीं, सुश्री चंचल गुप्ता ने कहा कि संविधान ही महिलाओं के अधिकारों की जननी है और महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी संवैधानिक पदों पर सुनिश्चित होनी चाहिए।

विशेष अतिथि डॉ. जितेन्द्र कुमार तोमर ने कहा कि 2047 तक शिक्षा, कृषि और खाद्य सुरक्षा के तीन स्तंभ मजबूत करना अनिवार्य है। मुख्य अतिथि राजेन्द्र कुमार तिवारी (पूर्व मुख्य सचिव, उ.प्र.) ने प्रेरक संबोधन में कहा कि बच्चियां ही देश की असली शान हैं और महिला सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है।
कार्यक्रम का समापन मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों के सुझावों को लागू करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जिला प्रशासन “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश विजन @2047” को साकार करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।



