दीपावली पर इस बार रहेगा दो दिवसीय उत्सव, 20 और 21 अक्टूबर दोनों दिन शुभ, जानें श्री गणेश, महालक्ष्मी और दीपावली पूजन के मुहूर्त

गाजियाबाद, 18 अक्टूबर। इस वर्ष दीपावली पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता के साथ-साथ कुछ संशय की स्थिति भी बनी हुई है। पंचांग और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार इस बार दीपावली दो दिनों — 20 और 21 अक्टूबर 2025 — को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित शिवकुमार शर्मा (वास्तु कंसल्टेंट, गाजियाबाद) के अनुसार इस वर्ष ग्रहों की विशिष्ट स्थिति के कारण महालक्ष्मी, श्री गणेश और दीपावली पूजन के शुभ मुहूर्त दो अलग-अलग दिनों में पड़ रहे हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार किसी भी दिन पूजन कर सकते हैं।
20 अक्टूबर 2025, सोमवार — दीपावली एवं महालक्ष्मी पूजन के मुहूर्त
सोमवार शाम से ही दीपोत्सव की शुरुआत मानी जाएगी।
- संस्थानों और दुकानों के लिए शुभ मुहूर्त: शाम 4:05 बजे से 5:30 बजे तक (मीन लग्न) अत्यंत शुभ रहेगा।
- घरों में लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए श्रेष्ठ समय:
- 17:30 बजे से 19:06 बजे तक प्रदोष काल (मेष लग्न)
- 19:06 बजे से 21:02 बजे तक स्थिर लग्न – वृषभ लग्न (सर्वोत्तम समय)
- 21:02 बजे से 23:15 बजे तक मिथुन लग्न (अत्यंत शुभ)
- 23:15 बजे से 01:35 बजे तक कर्क लग्न (निशीथ काल) – मंत्र सिद्धि और तांत्रिक पूजन हेतु सर्वश्रेष्ठ
- 01:35 बजे से 03:52 बजे तक सिंह लग्न – मंत्र जाप के लिए अत्यंत फलदायी
पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार निशीथ काल में कर्क लग्न लक्ष्मी पूजन के लिए सर्वोत्तम है। इस समय लक्ष्मीजी की आराधना करने से धन-संपदा की वृद्धि और घर में समृद्धि का वास होता है।
21 अक्टूबर 2025, मंगलवार — मुख्य दीपावली पर्व के मुहूर्त
मंगलवार को अधिकांश स्थानों पर मुख्य श्री गणेश-लक्ष्मी पूजन किया जाएगा।
- संस्थानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के लिए शुभ मुहूर्त:
- सुबह 10:47 बजे से 12:50 बजे तक धनु लग्न
- 12:50 से दोपहर 2:33 बजे तक मकर लग्न (उत्तम)
- 2:33 से 4:01 बजे तक कुंभ लग्न (विशेष लाभदायक)
मकर और कुंभ लग्न ट्रांसपोर्ट, लोहा, लकड़ी, मशीनरी और औद्योगिक कारोबारियों के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं, क्योंकि इनका स्वामी शनि है जो उद्योग और परिश्रम से सफलता का कारक ग्रह है।
- घरों में लक्ष्मी पूजन के लिए रात्रिकालीन मुहूर्त:
- सायंकाल मेष लग्न में दीपमालिका का पूजन विशेष फलदायी रहेगा।
- वृषभ लग्न (7:02 बजे से 8:58 बजे तक) में लाभ का चौघड़िया रहेगा — यह सबसे श्रेष्ठ मुहूर्तों में से एक है।
- मिथुन लग्न (8:58 बजे से 11:11 बजे तक) नौकरीपेशा लोगों के लिए विशेष शुभ रहेगा।
- कर्क लग्न (11:11 बजे से रात 1:31 बजे तक) — निशीथ काल में लक्ष्मीजी का पूजन अत्यंत शुभ और पूर्ण फलदायी माना गया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित शिवकुमार शर्मा ने बताया कि इस बार के ग्रहयोग और नक्षत्र विशेष रूप से संपत्ति, व्यापार और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अनुकूल हैं। श्रद्धालु अपनी परंपरा, व्यवसाय और पारिवारिक स्थिति के अनुसार दोनों में से किसी भी दिन पूजन कर सकते हैं — दोनों ही दिवस लक्ष्मी कृपा के द्वार खोलने वाले होंगे।



