गाजियाबाद में महिला सुरक्षा और यातायात सुधार के लिए ई-रिक्शा पर यूनिक QR कोड और कलर स्टिकर व्यवस्था लागू

गाजियाबाद। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने और शहर की अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से गाजियाबाद यातायात पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर ई-रिक्शा संचालन के लिए यूनिक QR कोड और कलर स्टिकर प्रणाली शुरू की गई है। यह कदम मिशन शक्ति 5.0 के तहत महिलाओं की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
गाजियाबाद में फिलहाल लगभग 26,570 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके पास परमिट न होने के कारण अब तक इनके रूट निर्धारित नहीं थे, जिससे यातायात व्यवस्था पर असर पड़ रहा था। मोटर वाहन अधिनियम और पुलिस एक्ट की धारा 31 के प्रावधानों के अंतर्गत पुलिस को इस दिशा में नियंत्रण का अधिकार प्राप्त है। इसी क्रम में ई-रिक्शा को पांच जोनों में विभाजित किया गया है, और प्रत्येक जोन को अलग रंग के स्टिकर और QR कोड से चिन्हित किया जाएगा।

- नगर जोन – लाल रंग का स्टीकर/QR (विजयनगर, कोतवाली, कविनगर, नंदग्राम आदि थाना क्षेत्र)
- ट्रांस हिंडन जोन – हरे रंग का स्टीकर/QR (इंदिरापुरम, खोड़ा, कौशांबी, लिंक रोड)
- साहिबाबाद जोन – नीले रंग का स्टीकर/QR (साहिबाबाद, शालीमार गार्डन, टीला मोड़)
- लोनी जोन – पीले रंग का स्टीकर/QR (लोनी, ट्रोनिका सिटी, अंकुर विहार)
- मोदीनगर जोन – नारंगी रंग का स्टीकर/QR (मोदीनगर, मुरादनगर, भोजपुर, निवाड़ी)
प्रथम चरण में नगर जोन के 200 ई-रिक्शा को पुलिस लाइन स्थित परेड ग्राउंड से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था एवं यातायात) ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डीसीपी ग्रामीण/यातायात, एडीसीपी यातायात, सभी एसीपी और यातायात निरीक्षक मौजूद रहे।
इस प्रणाली के प्रमुख लाभ
- QR कोड स्कैन करने पर यात्रियों को वाहन मालिक और चालक की पूरी जानकारी मिलेगी।
- यात्रियों के फीडबैक से ड्राइवरों की रेटिंग तय होगी।
- यूनिक कोडिंग से सुनिश्चित होगा कि रिक्शा अपने जोन में ही संचालित हो।
- महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने में सहायक होगा।
- शिकायत दर्ज होते ही यातायात पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकेगी।
- अपराधों में शामिल वाहनों की पहचान आसानी से होगी।

यातायात पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कैंप लगाकर शेष जोनों के ई-रिक्शा पर भी स्टिकर और QR लगाए जाएंगे। साथ ही जल्द ही गाजियाबाद में संचालित ऑटो रिक्शा को भी इस व्यवस्था के तहत शामिल किया जाएगा।
यह कदम न केवल गाजियाबाद की महिला सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।



