गाजियाबाद की गौर होम्स सोसाइटी में बड़ा हादसा टला: 7वीं मंजिल से लिफ्ट गिरने पर मचा हड़कंप, निवासियों में आक्रोश

गाज़ियाबाद। गुरुवार को गौर होम्स सोसाइटी में उस समय अफरातफरी मच गई जब A1 टावर की लिफ्ट अचानक 7वीं मंजिल से भरभराकर नीचे गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय लिफ्ट के अंदर कोई मौजूद नहीं था, वरना यह घटना किसी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती थी।
लिफ्ट गिरने से 7वीं मंजिल समेत कई मंजिलों पर लगे लिफ्ट के बाहरी दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद सोसाइटी निवासियों में गहरी दहशत और भारी आक्रोश फैल गया।
निवासियों ने आरोप लगाया कि भले ही सोसाइटी की लिफ्ट लिफ्ट एक्ट के तहत पंजीकृत हो, लेकिन उसकी नियमित सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए कोई ठोस सरकारी व्यवस्था मौजूद नहीं है। इसके अलावा लिफ्ट का AMC (एनुअल मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट) और अन्य तकनीकी जानकारियां भी पारदर्शी तरीके से साझा नहीं की जातीं।
सोसायटी वासियों का कहना है कि हाईराइज सोसायटी में लिफ्ट सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि “लाइफ लाइन” है, क्योंकि इसका सीधा संबंध जीवन की सुरक्षा से है। ऐसे में इस तरह की लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद से ही सोसाइटी निवासियों का गुस्सा RWA पदाधिकारियों के खिलाफ फूट पड़ा है। लोग मांग कर रहे हैं कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं।
यह घटना एक बार फिर हाईराइज सोसायटी में लिफ्ट सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करती है और यह दर्शाती है कि समय पर ऑडिट और पारदर्शी मेंटेनेंस व्यवस्था कितनी आवश्यक है।



