एलपीजी वितरकों का विरोध प्रदर्शन: अजय कुमार की आत्महत्या ने जगाई आवाज

गाज़ियाबाद: पूरे देश में एलपीजी वितरकों ने आज एकजुट होकर केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आल इंडिया एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर फेडरेशन (AILDF) के आह्वान पर देश के 25 हजार से अधिक एलपीजी वितरकों ने हाथ में काला फीता बांधकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत गैस कंपनियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन हरियाणा के अंबाला में मोहित इंडेन गैस एजेंसी के वितरक अजय कुमार की आत्महत्या के विरोध में किया गया। अजय कुमार ने इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे शोषण से तंग आकर 21 अगस्त को रेलगाड़ी के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी। अजय कुमार अनुसूचित जाति वर्ग से थे और उनकी गैस एजेंसी भी इसी वर्ग से संबंधित थी।
AILDF के राज्य संयोजक (यूपी) और राष्ट्रीय अपर महासचिव सुजीत सिंह ने बताया कि, “अजय कुमार की आत्महत्या ने पूरे देश के एलपीजी वितरकों को झकझोर कर रख दिया है। तेल कंपनियां वितरकों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही हैं और उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रही हैं।”
क्यों कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन?
एलपीजी वितरक लंबे समय से तेल कंपनियों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि तेल कंपनियां उन पर मनमाने लक्ष्य थोपती हैं और उन्हें पूरा न करने पर जुर्माना लगाती हैं। इसके अलावा, वितरकों को समय पर सब्सिडी का भुगतान भी नहीं किया जाता है।
कौन-कौन से संगठन हुए शामिल?
इस विरोध प्रदर्शन में AILDF के साथ-साथ एलपीजी वितरक संघ यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात और झारखंड सहित देश के सभी एलपीजी संगठनों ने भाग लिया।
क्या मांगें हैं वितरकों की?
एलपीजी वितरक सरकार से मांग कर रहे हैं कि:
- तेल कंपनियों द्वारा वितरकों के साथ किया जा रहा शोषण बंद किया जाए।
- वितरकों पर थोपे गए मनमाने लक्ष्य हटाए जाएं।
- वितरकों को समय पर सब्सिडी का भुगतान किया जाए।
- अजय कुमार की आत्महत्या की घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।



