हिंडन किनारे बंद पड़ा इलेक्ट्रिक शवदाह गृह जल्द हो सकता है चालू, नगर निगम ने जारी किया टेंडर

गाजियाबाद।
हिंडन नदी के किनारे बना इलेक्ट्रिक शवदाह गृह, जो कोरोना काल से ही बंद पड़ा हुआ है, अब एक बार फिर शुरू होने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से बंद इस अत्याधुनिक शवदाह गृह को दोबारा चालू करने की दिशा में नगर निगम ने ठोस पहल करते हुए इसके संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही आवश्यक मरम्मत और तकनीकी सुधार कर शवदाह गृह को पुनः चालू कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के दौरान यह इलेक्ट्रिक शवदाह गृह आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ था। उस समय बड़ी संख्या में लोगों ने यहां कम समय, कम खर्च और पर्यावरण अनुकूल तरीके से अंतिम संस्कार किया। हालांकि, तकनीकी खामियों और नियमित मेंटेनेंस के अभाव में यह सुविधा बंद हो गई, जिसके बाद लोगों को फिर से पारंपरिक लकड़ी आधारित श्मशानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
नगर निगम के प्रकाश प्रभारी आश कुमार ने बताया कि इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के संचालन और रखरखाव के लिए विभिन्न कंपनियों से दरें मांगी गई हैं। दरें प्राप्त होने के बाद नियमानुसार उपयुक्त कंपनी का चयन किया जाएगा। कंपनी के चयन के बाद तकनीकी दिक्कतों को दूर कर शवदाह गृह को जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
निगम अधिकारियों के अनुसार, इस शवदाह गृह के दोबारा शुरू होने से न सिर्फ लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी कम समय में पूरी हो सकेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी, क्योंकि इलेक्ट्रिक शवदाह गृह लकड़ी की खपत और धुएं को कम करता है।
बताया गया है कि इस शवदाह गृह का निर्माण पहले गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा कराया गया था, जिसे बाद में नगर निगम को हैंडओवर कर दिया गया। कोविड काल के बाद से इसका संचालन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा था। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि इसमें केवल एक ही इलेक्ट्रिक पैनल लगा है। पैनल खराब होने की स्थिति में उसे ठीक कराने में लंबा समय लग जाता है और तब तक शवदाह गृह पूरी तरह बंद रहता है।
नगर निगम का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत इन तकनीकी कमियों को दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न आए और नागरिकों को निर्बाध सुविधा मिल सके।


