Ghaziabad

वेव सिटी के “विरासती पेड़” को खतरा! गंदे पानी की निकासी से जड़ें कमजोर, अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा

गाजियाबाद: वेव सिटी एनएच-9 के अंदर और बम्हेटा गांव की सीमा पर स्थित एक सदियों पुराना बढ़ का पेड़, जिसे कुछ साल पहले पर्यावरण प्रेमियों की पहल और वन विभाग की संस्तुति के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद का पहला “विरासती पेड़” घोषित किया था, आज खतरे में है।

यह विशाल और सुंदर पेड़ कभी पक्षियों का स्वर्ग हुआ करता था, जहाँ विभिन्न प्रजातियों के हजारों पक्षी निवास करते थे। पेड़ के पास एक साफ पानी का तालाब भी था जो इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाता था।

लेकिन, बम्हेटा गांव की तरफ से सीवर और गंदे पानी की एक सरकारी नाली को तालाब में डाल दिया गया, जिसके कारण पूरे गांव और आसपास की कॉलोनी का गंदा प्रदूषित पानी तालाब में आ रहा है। निकासी की व्यवस्था न होने के कारण यह गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे पेड़ की जड़ें कमजोर हो रही हैं और मिट्टी का कटाव जारी है।

पेड़ के आसपास बहुत ज्यादा पानी फैल गया है, कूड़े के ढेर लगे हैं और नमी बढ़ गई है। फलस्वरूप, पेड़ की जड़ें धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं और उसके अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है।

यह “विरासती पेड़” अब ज्यादा दिनों तक खड़ा नहीं रह पाएगा, अगर इसकी उचित देखभाल नहीं की गई। यह चिंताजनक है कि वन विभाग और नगर निगम द्वारा इस “विरासती पेड़” की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

यह पेड़ न केवल हमारे पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। इसलिए, यह सरकार और समाज की जिम्मेदारी है कि वे इस प्राचीन और विशाल “विरासती पेड़” की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करें।

यह “विरासती पेड़” हमारी धरोहर है। आइए, हम सब मिलकर इसे बचाने का प्रयास करें।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

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