Ghaziabad

गाजियाबाद साइबर सेल ने 44 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद : गाजियाबाद पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बीमा कंपनियों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर 44 लाख रुपये की ठगी कर चुके थे। गिरोह लोगों को बीमा पॉलिसियों में अतिरिक्त मुनाफे, बिटकॉइन निवेश, ऑनलाइन टास्क और होटल बुकिंग के नाम पर फंसाकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवाता था।

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह के तार दिल्ली, यूपी, हरियाणा समेत अन्य राज्यों तक फैले हैं। पकड़े गए आरोपियों में रवि प्रताप, विकास कुमार, नवीन प्रताप सिंह, अनुज और गुंजन शामिल हैं। इनके पास से 5 मोबाइल फोन, एक डिवाइस, चेक बुक, ATM कार्ड, ₹1.83 लाख नकद और एक महिंद्रा XUV 500 कार बरामद की गई है।


बीमा कंपनियों के नाम पर फ्रॉड

गिरोह का मास्टरमाइंड रवि प्रताप पूर्व में नोएडा की एक फर्म ‘प्राइम फोलियो’ में काम कर चुका है, जो विभिन्न बीमा कंपनियों—भारती हेक्सा, बजाज, एचडीएफसी, सिग्ना टीटीके आदि—की पॉलिसी सेवा प्रदान करती थी। इसी दौरान उसने सहकर्मियों विकास कुमार और संकेत त्यागी के साथ मिलकर बीमा पॉलिसी धारकों की डिटेल्स चुराईं और फिर मिलकर साइबर ठगी का गिरोह बना डाला।

आरोपियों ने खुद को बीमा लोकपाल या कंपनी प्रतिनिधि बताकर बीमा धारकों को कॉल किया और ‘बिटकॉइन खरीदने’, ‘ऑनलाइन टास्क से कमाई’, ‘पॉलिसी में बोनस’ जैसे झूठे लालच देकर उनके खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। ठगी के बाद ये आरोपी ATM से पैसे निकालकर उन्हें आपस में बांट लेते थे।


महीपाल बिष्ट से ₹36 लाख की ठगी

24 अक्टूबर 2024 से 8 जून 2025 के बीच आरोपियों ने गाजियाबाद निवासी महीपाल बिष्ट से बिटकॉइन निवेश के नाम पर करीब ₹36 लाख की ठगी की। जब महीपाल को शक हुआ तो उन्होंने 3 जुलाई को साइबर थाना गाजियाबाद में केस दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही आरोपियों ने कॉलिंग में इस्तेमाल होने वाले सिम, मोबाइल और ATM कार्ड को तोड़कर नाले में फेंक दिया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।


तीन राज्यों में तीन बड़ी घटनाओं का खुलासा

बरामद दस्तावेजों, मोबाइल चैट्स और पॉलिसी डेटा के आधार पर पुलिस ने तीन अलग-अलग राज्यों में ठगी की पुष्टि की है:

  • गाजियाबाद, यूपी: महीपाल बिष्ट से ₹36 लाख
  • हैदराबाद, तेलंगाना: नरसिम्हा से ‘ऑनलाइन टास्क’ के नाम पर ₹8 लाख
  • नीलगिरी, तमिलनाडु: वी. सर्वनन से ‘होटल बुकिंग’ के नाम पर ₹35,000

होटल में पार्टी और गाड़ी की किस्त भी ठगी के पैसे से

आश्चर्यजनक रूप से, आरोपी ठगी से मिले पैसों से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के होटलों में पार्टी करते थे, और यहां तक कि बरामद XUV 500 गाड़ी की किस्त भी इन्हीं पैसों से भरी गई थी। इस गाड़ी का इस्तेमाल पॉलिसी धारकों को कॉल करने और ATM से पैसे निकालने के लिए होता था।


गिरफ्तार आरोपी:

  1. रवि प्रताप – निवासी बनामई हैवरा, इटावा; 12वीं पास
  2. विकास कुमार – निवासी अमरोहा; B.Com पास
  3. नवीन प्रताप सिंह – इटावा निवासी; B.A. पास
  4. अनुज – निवासी जालौन; 7वीं फेल
  5. गुंजन – विवरण गोपनीय

नकली आईडी से खरीदे थे सिम कार्ड

गिरोह के सदस्य नोएडा सेक्टर-63 से फर्जी आईडी पर प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड खरीदते थे, जिनका इस्तेमाल वे लोगों से संपर्क साधने और कॉलिंग के लिए करते थे।


डीसीपी धवल जायसवाल ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल या ‘लाभदायक निवेश’ के प्रलोभन में न आएं और बीमा पॉलिसी संबंधी जानकारी केवल अधिकृत वेबसाइट या प्रतिनिधियों से ही साझा करें।

👉 अगर किसी को ऐसी कॉल आती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या साइबर थाना में संपर्क करें।


📌 गाजियाबाद पुलिस की इस कार्रवाई से न सिर्फ तीन राज्यों में चल रहे साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है, बल्कि यह भी साफ हुआ है कि ठग किस हद तक जाकर मासूम लोगों की मेहनत की कमाई को लूट रहे हैं।

Umesh Kumar

Umesh is a senior journalist with more than 15 years of experience. Freelance photo journalist with some leading newspapers, magazines, and news websites and is now associated with Local Post as Consulting Editor

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button